केरल

Kerala : पंजाल और चेलक्कारा में जंगली जानवरों का बढ़ता आतंक

Kavita2
25 May 2026 3:24 PM IST
Kerala : पंजाल और चेलक्कारा में जंगली जानवरों का बढ़ता आतंक
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Kerala केरल: पंजाल और चेलक्कारा इलाकों में जंगली जानवरों, खासकर जंगली हाथियों की बढ़ती गतिविधियों से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। रिहायशी क्षेत्रों में हाथियों के घुसने और घरों व खेतों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे ग्रामीणों का जीवन प्रभावित हो रहा है। स्थिति को लेकर लोगों में अधिकारियों के प्रति नाराजगी भी तेज होती जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगली हाथियों का गांवों में प्रवेश अब आम बात हो गई है। ये हाथी रात के समय खेतों में घुसकर फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं, वहीं कई बार घरों को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। किसानों का कहना है कि उनकी सालभर की मेहनत कुछ ही घंटों में बर्बाद हो जाती है, लेकिन इसके बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इस समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों को जानकारी दी गई और बैठकें भी आयोजित की गईं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का कहना है कि लाखों रुपये की फसल क्षति होने के बावजूद प्रशासनिक बैठकों का कोई वास्तविक असर दिखाई नहीं दे रहा है।

चेलक्कारा और पंजाल क्षेत्रों में रहने वाले किसानों का कहना है कि हाथियों के झुंड रात के समय गांवों के पास पहुंच जाते हैं, जिससे लोगों को अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी रहती है। कई ग्रामीण रातभर जागकर अपने खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं।

स्थानीय निवासियों ने यह भी कहा कि वन विभाग और संबंधित अधिकारियों की ओर से समय-समय पर आश्वासन तो दिए जाते हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारी केवल औपचारिक बैठकों और निरीक्षण तक सीमित रह गए हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा है।

किसानों ने मांग की है कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, जैसे कि हाथियों के आने-जाने के रास्तों को नियंत्रित करना, सुरक्षा दीवारों का निर्माण करना और प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाना। उनका कहना है कि जब तक स्थायी उपाय नहीं किए जाएंगे, तब तक यह समस्या बनी रहेगी।

ग्रामीणों के बीच बढ़ते असंतोष को देखते हुए अब यह मुद्दा स्थानीय प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। लोग जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि उनकी फसल और संपत्ति को सुरक्षित रखा जा सके।

फिलहाल स्थिति यह है कि हर रात ग्रामीण भय के साए में जी रहे हैं और अपनी आजीविका को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन अब इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता देगा और जल्द ही कोई ठोस समाधान निकालेगा।

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