
Kerala केरल: सरकार ने बुधवार को संकेत दिया कि वह केंद्र सरकार की PM SHRI योजना से पीछे नहीं हटेगी और इस योजना को कुछ शर्तों के साथ लागू करने की कोशिश करेगी, ताकि राज्य को पाठ्यक्रम तय करने की स्वतंत्रता बनी रहे। सरकार के इस रुख के बाद राज्य में इस योजना को लेकर जारी बहस को नई दिशा मिली है।
मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन ने अपनी अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर उन्होंने गैर-बीजेपी शासित राज्यों के अपने समकक्षों से भी चर्चा की है, जिनमें से कई राज्य इस योजना को लागू करने पर सहमत हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कैबिनेट ने इस योजना के सभी पहलुओं का गहन अध्ययन करने के लिए चार सदस्यीय उप-समिति गठित करने का फैसला किया है। यह समिति योजना की शर्तों, लाभ और राज्य पर इसके प्रभाव का विस्तार से अध्ययन करेगी और अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
सतीसन ने कहा कि सरकार का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है और इसी दृष्टिकोण से इस योजना पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार किसी भी ऐसी शर्त को स्वीकार नहीं करेगी, जिससे शिक्षा नीति में राज्य की स्वायत्तता प्रभावित हो।
उन्होंने इस योजना को लागू करने के निर्णय को सही ठहराते हुए कहा कि पिछली LDF सरकार ने पहले ही केंद्र सरकार के साथ इस योजना को लेकर समझौता किया था और इसके तहत लगभग 99 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त की गई थी। इसलिए इसे पूरी तरह से अस्वीकार करना व्यावहारिक नहीं होगा।
सरकार का मानना है कि यदि योजना को राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप ढालकर लागू किया जाए, तो इससे स्कूल शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
वहीं, इस मुद्दे को लेकर राज्य में राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। विपक्ष और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कुछ संगठनों ने इस योजना की शर्तों को लेकर चिंता जताई है, जबकि सरकार का कहना है कि सभी पहलुओं का अध्ययन करने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
फिलहाल सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह योजना को पूरी तरह खारिज नहीं कर रही है, बल्कि इसे राज्य के हितों के अनुरूप लागू करने के विकल्पों पर विचार कर रही है। चार सदस्यीय समिति की रिपोर्ट के बाद इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।





