
Kerala केरल: सरकार प्रशासनिक कामकाज में तेज़ी और पारदर्शिता लाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है। सरकार ने विभिन्न विभागों से जुड़े 51 प्रमुख कार्यक्षेत्रों की पहचान पहले ही कर ली है, जिनमें AI तकनीक के उपयोग की संभावनाएं देखी जा रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, इस पहल के तहत स्टार्टअप्स की ओर से 237 AI-आधारित समाधान प्रस्तावित किए गए हैं। इन प्रस्तावों का संबंधित विभागों द्वारा विस्तृत मूल्यांकन किया जा रहा है, जिसके बाद उपयुक्त समाधानों को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा।
राज्य के IT मंत्री पी.के. कुन्हालीकुट्टी ने जानकारी देते हुए कहा कि सरकार जल्द ही एक व्यापक AI पॉलिसी भी पेश करेगी, जिसका उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आधुनिक बनाना और सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।
सरकार का मानना है कि AI के उपयोग से फाइल प्रोसेसिंग, नागरिक सेवाओं की डिलीवरी, डेटा प्रबंधन और निगरानी प्रणाली में सुधार होगा, जिससे समय की बचत के साथ पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
हाल ही में बनी कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट सरकार ने तकनीकी क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए AI को IT विभाग से अलग एक स्वतंत्र पोर्टफोलियो के रूप में भी शामिल करने का निर्णय लिया है। इस कदम को राज्य में डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब देश के अन्य राज्यों में भी प्रशासनिक सुधारों के लिए डिजिटल तकनीकों और AI आधारित प्रणालियों को अपनाने पर जोर दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन 237 प्रस्तावों में से प्रभावी समाधान चुने जाते हैं, तो केरल देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है, जो सरकारी प्रशासन में AI का बड़े पैमाने पर उपयोग कर रहे हैं।
फिलहाल सभी प्रस्तावों की समीक्षा प्रक्रिया जारी है और आने वाले समय में चयनित प्रोजेक्ट्स को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।





