
Kerala केरल: केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने बुधवार को घोषणा की कि राज्य की नई चुनी हुई सरकार ने सिल्वरलाइन हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट को रद्द करने का फैसला किया है। यह परियोजना पिछली एलडीएफ सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना के रूप में प्रस्तावित थी।
तिरुवनंतपुरम में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री सतीशन ने इस निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने परियोजना से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा करने के बाद यह निष्कर्ष निकाला है कि वर्तमान परिस्थितियों में इस योजना को आगे बढ़ाना उचित नहीं होगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस परियोजना के लिए की गई भूमि अधिग्रहण से संबंधित सभी अधिसूचनाओं को भी रद्द किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि प्रभावित भूमि मालिकों और स्थानीय समुदायों से जुड़े मामलों का समाधान सरकार प्राथमिकता के आधार पर करेगी।
सिल्वरलाइन परियोजना को राज्य में तेज गति रेल कनेक्टिविटी के लिए एक बड़ी पहल माना जा रहा था, लेकिन लंबे समय से यह परियोजना राजनीतिक और सामाजिक विवादों में घिरी रही। कई क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण को लेकर विरोध भी देखने को मिला था।
सरकार के इस फैसले के बाद परियोजना से जुड़े सभी प्रशासनिक और तकनीकी कार्यों पर भी विराम लगने की संभावना है। अधिकारियों के अनुसार, अब संबंधित विभागों को अधिसूचनाएं वापस लेने और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास कार्यों को आगे बढ़ाना है, लेकिन किसी भी परियोजना को लागू करने से पहले जनता की सहमति और व्यावहारिकता को प्राथमिकता दी जाएगी।
इस निर्णय को राज्य की नई सरकार की नीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि सिल्वरलाइन परियोजना को पूर्व सरकार की प्रमुख बुनियादी ढांचा योजनाओं में से एक माना जाता था।
कुल मिलाकर, केरल सरकार द्वारा सिल्वरलाइन हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट को रद्द करने का फैसला राज्य की विकास नीति और प्राथमिकताओं में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।





