
तिरुवनंतपुरम : केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन ने शुक्रवार को कहा कि सिक्किम में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग ढहने की घटना में जान गंवाने वाले राज्य के जियोलॉजिस्ट अनीश मोहन का शव जल्द से जल्द वापस लाने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की ओर से जारी बयान में बताया गया कि अनीश मोहन का शव गुरुवार देर रात बरामद किया गया था। अब उसे केरल लाने की प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जा रहा है, ताकि परिवार अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कर सके।
NHPC प्रोजेक्ट की सुरंग हादसे में हुई थी मौत
अनीश मोहन की मौत 20 जुलाई को सिक्किम में हुए एक बड़े हादसे में हुई थी। यह हादसा NHPC के एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में हुआ, जहां सुरंग ढहने के कारण कई लोग मलबे में फंस गए थे।
इस दुर्घटना में कुल 25 लोगों की मौत हुई थी। मृतकों में केरल के कोट्टायम जिले के पम्पाडी निवासी अनीश मोहन भी शामिल थे। वह परियोजना से जुड़े जियोलॉजिस्ट के रूप में काम कर रहे थे।
परिवार को दी जा रही सहायता
मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि राज्य सरकार अनीश मोहन के परिवार के संपर्क में है और शव को जल्द वापस लाने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर रही है।
सरकार की ओर से कहा गया कि इस कठिन समय में परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासनिक स्तर पर जरूरी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
हादसे के बाद चला बचाव अभियान
सिक्किम में सुरंग ढहने की घटना के बाद बचाव दलों ने लंबे समय तक अभियान चलाया। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए विभिन्न एजेंसियों ने लगातार प्रयास किए।
बचाव कार्य के दौरान कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, क्योंकि सुरंग के अंदर की स्थिति बेहद कठिन थी। मलबा हटाने और फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए विशेषज्ञ टीमों की मदद ली गई।
अनीश मोहन के निधन से परिवार और क्षेत्र में शोक
अनीश मोहन के निधन की खबर के बाद कोट्टायम जिले के पम्पाडी इलाके में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने बताया कि अनीश एक मेहनती और प्रतिभाशाली व्यक्ति थे।
परिवार और परिचितों के लिए यह घटना बेहद दुखद है। लोगों ने अनीश के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है और सरकार से शव जल्द वापस लाने की अपील की थी।
सरकार ने जताई संवेदना
मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस मामले में पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के साथ सरकार खड़ी है और प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
हाइड्रोपावर परियोजनाओं में सुरक्षा पर सवाल
सिक्किम सुरंग हादसे ने एक बार फिर बड़े निर्माण और हाइड्रोपावर परियोजनाओं में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में निर्माण कार्यों के दौरान विशेष सावधानी और मजबूत सुरक्षा उपायों की आवश्यकता होती है।
ऐसे क्षेत्रों में भौगोलिक परिस्थितियां काफी चुनौतीपूर्ण होती हैं, इसलिए परियोजनाओं में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।





