
Kerala केरल: नेशनल हाईवे अट्ठानी पर पिछले तीन दिनों के भीतर अलग-अलग स्थानों पर हुए बाइक हादसों में पांच लोगों की मौत हो गई है। बुधवार, शुक्रवार और रविवार को हुए इन दर्दनाक हादसों ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पहला हादसा बुधवार सुबह हुआ, जब एक बर्थडे पार्टी से लौट रहे दो युवकों की बाइक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। मृतकों की पहचान त्रिशूर जिले के करुवन्नूर निवासी गोकुल (26) और अश्विन (22) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार दोनों युवक पार्टी के बाद घर लौट रहे थे, तभी उनकी बाइक अट्ठानी केरल फार्मेसी और कुरुंथिलकोट चिरक के बीच अचानक नियंत्रण खो बैठी।
बताया जा रहा है कि बाइक तेज रफ्तार में थी और चालक ने मोड़ पर नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद वाहन सीधे सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे से जा टकराया। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे भी मृत घोषित कर दिया।
पिछले तीन दिनों में इसी हाईवे पर दो और अलग-अलग हादसों में तीन अन्य लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। लगातार हो रहे इन हादसों के कारण स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर तेज रफ्तार वाहन और लापरवाही से ड्राइविंग हादसों की मुख्य वजह बन रही है।
स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि हाईवे पर कई जगह सड़क की स्थिति ठीक नहीं है और पर्याप्त सुरक्षा संकेत भी नहीं लगाए गए हैं। इसके अलावा रात के समय रोशनी की कमी भी दुर्घटनाओं को बढ़ावा दे रही है।
पुलिस ने सभी मामलों की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटनाओं के कारणों का पता लगाने के लिए अलग-अलग टीमों को लगाया गया है। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और वाहन नियंत्रण खोना प्रमुख कारण माना जा रहा है, हालांकि अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि इस पूरे क्षेत्र में सड़क सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाएगा। साथ ही तेज रफ्तार वाहनों पर निगरानी बढ़ाने और हेलमेट व ट्रैफिक नियमों के सख्त पालन को लेकर अभियान चलाने की योजना बनाई जा रही है।
इन लगातार हादसों ने स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि सड़क पर दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण किया जा रहा है और आवश्यक सुधारात्मक कदम जल्द उठाए जाएंगे।
तीन दिनों में पांच लोगों की मौत ने पूरे इलाके में शोक की लहर फैला दी है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं स्थानीय लोग इस हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन दोनों ही स्तरों पर जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इन हादसों के पीछे कोई तकनीकी खामी या सड़क संरचना से जुड़ी समस्या भी जिम्मेदार है।





