केरल

Kerala : बहुत ज़्यादा गर्मी जंगली जानवर आबादी वाले इलाकों में

Kavita2
23 April 2026 3:48 PM IST
Kerala : बहुत ज़्यादा गर्मी जंगली जानवर आबादी वाले इलाकों में
x

Kerala केरल: राज्य में तेज गर्मी और पानी की कमी के कारण जंगलों से जंगली जानवरों के रिहायशी इलाकों में आने की घटनाएं बढ़ गई हैं। बंदर, मोर, सूअर, जंगली कुत्ते और सियार जैसे जानवर अब भोजन और पानी की तलाश में गांवों और आबादी वाले क्षेत्रों में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, जंगल क्षेत्रों में पानी के स्रोत सूखने और भोजन की कमी के कारण जानवर गांवों की ओर रुख कर रहे हैं। कई जगहों पर ये जानवर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। खेतों में खड़ी फसलें और फलदार पेड़ इन जानवरों के निशाने पर हैं।

पलक्कड़-कोझिकोड नेशनल हाईवे के आसपास के इलाकों में स्थिति और गंभीर हो गई है। बताया जा रहा है कि जंगल से 8 से 10 किलोमीटर दूर स्थित घरों और मंदिरों में भी जंगली जानवर घुसने लगे हैं। मुंडूर और पुथुपरियारम ग्राम पंचायत क्षेत्रों में बंदरों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है।

बंदर नारियल के पेड़ों पर चढ़कर फल तोड़ रहे हैं और घरों की छतों पर सूखने के लिए रखे फलों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। वहीं जंगली सूअरों को भी व्यस्त सड़कों और हाईवे के पास देखा गया है, जो अचानक वाहनों के सामने कूदकर दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि जंगली जानवरों की बढ़ती आवाजाही से न केवल फसलें बर्बाद हो रही हैं, बल्कि लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है। कई स्थानों पर लोग रात के समय बाहर निकलने से भी डर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, जंगलों में पीने के पानी और चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए योजनाएं बनाई गई थीं, लेकिन अब तक उनका सही तरीके से क्रियान्वयन नहीं हो पाया है। इसी कारण जानवर भोजन और पानी की तलाश में आबादी की ओर बढ़ रहे हैं।

कुछ इलाकों में तो हालात और भी गंभीर हो गए हैं। हाल ही में पट्टप्पाकल क्षेत्र में जंगली कुत्तों के एक झुंड ने भेड़ों पर हमला कर दिया, जिसमें दो भेड़ों की मौत हो गई और कई घायल हो गईं। इस घटना के बाद ग्रामीणों में और भी डर का माहौल है।

स्थानीय लोगों ने वन विभाग से मांग की है कि जंगल क्षेत्रों में पानी और भोजन की पर्याप्त व्यवस्था की जाए, ताकि जंगली जानवरों को रिहायशी इलाकों में आने से रोका जा सके। साथ ही उन्होंने सुरक्षा उपाय बढ़ाने की भी अपील की है।

फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है और वन विभाग द्वारा कुछ स्थानों पर निगरानी बढ़ाने की बात कही गई है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि स्थायी समाधान के बिना यह समस्या लगातार बढ़ती रहेगी।

Next Story