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Kerla केरल: कांग्रेस सांसद और केरल से प्रतिनिधि शशि थरूर ने केरल के लिए आगामी यूनियन बजट 2026 की उम्मीदों और वित्तीय आवंटन को लेकर अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि चुनावी वर्ष में केंद्रीय वित्तीय नीतियों और बजट आवंटन को लेकर सटीक भविष्यवाणी करना कठिन है। शशि थरूर ने तिरुवनंतपुरम में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, "चुनाव वाले साल में कहना मुश्किल है, आप कुछ चीज़ों का अंदाज़ा लगा सकते हैं, लेकिन इस खास सीज़न के बीच यह कहना कठिन है कि क्या होगा। हमें सभी को बहुत उम्मीदें हैं। केरल को कई पद्म पुरस्कार मिले हैं, क्या इसका मतलब है कि राज्य को बजट में आवंटन का अधिक प्रतिशत मिलेगा? मुझे नहीं पता।"
उन्होंने आगे कहा कि केरल को निश्चित रूप से केंद्र से राज्य में विकास परियोजनाओं और सामाजिक कार्यक्रमों के लिए थोड़ा अधिक वित्तीय सहायता की आवश्यकता है। थरूर ने बजट को लेकर आशंकाओं के बीच यह भी स्पष्ट किया कि राज्य को स्वास्थ्य, शिक्षा, आधारभूत संरचना और रोजगार सृजन जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं में पर्याप्त निवेश की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि चुनावी वर्ष में बजट पेश करने में केंद्रीय वित्त मंत्रालय अक्सर संवेदनशील होता है और राज्यों के बीच वितरण में संतुलन बनाए रखने की कोशिश करता है। शशि थरूर ने भी इस तथ्य को स्वीकार करते हुए कहा कि केरल को उचित आवंटन मिलने पर ही राज्य की विभिन्न योजनाओं और विकास परियोजनाओं को गति दी जा सकती है।
उन्होंने राज्य में पर्यटन, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए अतिरिक्त बजटीय मदद की आवश्यकता पर भी जोर दिया। शशि थरूर ने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच सहयोग बढ़ाने से ही केरल की सामाजिक और आर्थिक विकास गति मजबूत होगी। शशि थरूर ने जनता से अपील की कि वे बजट के परिणामों और आवंटन के निर्णयों पर नजर रखें और राज्य के हित में केंद्र से उचित संसाधन की मांग करें। उन्होंने कहा कि बजट का उद्देश्य केवल सरकारी खजाने का वितरण नहीं है, बल्कि सामाजिक न्याय, आर्थिक विकास और रोजगार सृजन सुनिश्चित करना भी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, केरल में अगले बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत ढांचे पर निवेश बढ़ाने की संभावना है, लेकिन राज्य को वित्तीय आवंटन में उचित हिस्सेदारी मिलने पर ही योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से दिखाई देगा। शशि थरूर की यह टिप्पणी केरल की जनता और राजनीतिक दलों के लिए बजट को लेकर आशाओं और चिंताओं को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। उन्होंने कहा कि बजट में पारदर्शिता, न्यायसंगत वितरण और राज्य की विशेष आवश्यकताओं का ध्यान रखना आवश्यक है, ताकि राज्य की विकास यात्रा स्थिर और सतत बनी रहे।
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