
Kerala केरल: एडाथनट्टुकारा दौरे के दौरान केरल के पब्लिक एजुकेशन मिनिस्टर एडवोकेट एन. शमसुद्दीन को बड़ी संख्या में लोगों और सरकारी कर्मचारियों से विभिन्न प्रकार की शिकायतें और अर्ज़ियां प्राप्त हुईं। मंत्री ने मौके पर ही सभी आवेदकों की लिखित शिकायतें विस्तार से सुनीं और देर रात तक जनसंपर्क कार्यक्रम जारी रखा।
दौरे के दौरान शिक्षा विभाग से जुड़ी कई गंभीर प्रशासनिक और सेवा संबंधी समस्याएं सामने आईं। सबसे प्रमुख मुद्दों में विभाग में बड़ी संख्या में खाली पदों का होना शामिल रहा। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि संबंधित संस्थान के प्रमुख द्वारा खाली पदों की जानकारी उच्च अधिकारियों को समय पर नहीं दी गई, जिससे भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
एक अन्य गंभीर शिकायत यह भी सामने आई कि केरल पब्लिक सर्विस कमीशन (PSC) की रैंक लिस्ट में पहले स्थान पर आए उम्मीदवार को भी अब तक नियुक्ति नहीं दी गई है। इससे चयन सूची में शामिल अन्य अभ्यर्थियों में भारी निराशा देखी जा रही है और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
इसके अलावा, शिक्षा विभाग से जुड़ा एक पुराना सर्कुलर भी विवाद का विषय बना हुआ है। शिकायत में कहा गया कि तीन वर्ष पहले जारी इस सर्कुलर के आधार पर पिछले वर्षों में मैटरनिटी लीव लेने वाले शिक्षकों के वेतन की वसूली के आदेश दिए जा रहे हैं। इसे लेकर शिक्षकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि इसी सर्कुलर के कारण कई शिक्षकों के ग्रेड और पदोन्नति भी रोकी जा रही है, जिससे उनके करियर पर असर पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि इस सर्कुलर की समीक्षा कर इसे वापस लिया जाए।
मंत्री एन. शमसुद्दीन ने सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि संबंधित मामलों की जांच कर उचित कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभागीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी योग्य उम्मीदवार या कर्मचारी को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
स्थानीय स्तर पर इस दौरे को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से लंबित शिक्षा विभाग से जुड़ी समस्याएं पहली बार इतने बड़े स्तर पर मंत्री के सामने रखी गईं। अब उम्मीद की जा रही है कि इन मामलों पर प्रशासनिक स्तर पर जल्द कार्रवाई हो सकती है।





