
Kerala केरल: इस शैक्षणिक सत्र में जिले के सरकारी, एडेड और बिना-एडेड स्कूलों में कक्षा 1 से 10 तक कुल 84,992 छात्रों का नामांकन दर्ज किया गया है। यह सभी स्कूल राज्य सिलेबस के तहत संचालित हो रहे हैं। जारी आंकड़े छठे कार्य दिवस तक के हैं।
आंकड़ों के अनुसार, कुल नामांकित छात्रों में 43,963 लड़के और 41,029 लड़कियां शामिल हैं। कक्षा 1 में 6,336 छात्रों ने प्रवेश लिया है, जबकि कक्षा 10 में 10,780 छात्रों का नामांकन हुआ है।
सरकारी स्कूलों में कुल 25,315 छात्रों का नामांकन हुआ है। इनमें कक्षा 1 में 1,993 और कक्षा 10 में 3,184 छात्रों ने प्रवेश लिया है। सरकारी स्कूलों में नामांकन का यह आंकड़ा शिक्षा व्यवस्था की मौजूदा स्थिति को दर्शाता है, जहां अपेक्षाकृत सीमित संख्या में छात्र प्रवेश ले रहे हैं।
एडेड स्कूलों में सबसे अधिक 52,396 छात्रों का नामांकन दर्ज किया गया है। इनमें कक्षा 1 में 3,543 और कक्षा 10 में 7,027 छात्रों ने दाखिला लिया है। एडेड स्कूलों का योगदान कुल नामांकन में सबसे बड़ा माना जा रहा है।
वहीं बिना-एडेड स्कूलों में कुल 7,281 छात्रों ने प्रवेश लिया है। इनमें कक्षा 1 में 802 और कक्षा 10 में 569 छात्रों का नामांकन हुआ है। यह आंकड़ा अन्य श्रेणियों की तुलना में काफी कम है।
पिछले शैक्षणिक सत्र 2025-26 के कुल आंकड़ों की तुलना में इस वर्ष नामांकन में गिरावट दर्ज की गई है। पिछले वर्ष जिले में कुल 90,089 छात्र थे, जिनमें 46,618 लड़के और 43,471 लड़कियां शामिल थीं। इस वर्ष कुल 5,097 छात्रों की कमी देखी गई है।
विश्लेषण के अनुसार, पिछले वर्ष कक्षा 1 में 7,058 छात्रों का नामांकन हुआ था, जिसमें 722 छात्रों की कमी दर्ज की गई थी। इसी तरह कक्षा 10 में 10,868 छात्रों का नामांकन हुआ था, जहां 88 छात्रों की गिरावट देखी गई थी।
शिक्षा विभाग के अनुसार, नामांकन में यह गिरावट कई कारणों से हो सकती है, जिसमें निजी स्कूलों की ओर रुझान, प्रवास और जनसंख्या में बदलाव जैसे कारक शामिल हैं। विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है और नामांकन बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि स्कूल स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक छात्रों को सरकारी शिक्षा प्रणाली से जोड़ने की कोशिश की जाएगी। विशेष रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों के नामांकन पर ध्यान दिया जा रहा है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी स्कूलों में गुणवत्ता सुधार और सुविधाओं के विस्तार से नामांकन में सुधार संभव है। फिलहाल जिले में कुल नामांकन के आंकड़े शिक्षा व्यवस्था की वर्तमान स्थिति को दर्शाते हैं और आने वाले समय में इन पर सुधारात्मक कदम उठाए जाने की आवश्यकता बताई जा रही है।





