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Kerala : स्ट्रॉन्ग रूम विवाद के बाद आयोग सख्त, मतगणना से पहले खोलने पर रोक

Kavita2
21 April 2026 3:18 PM IST
Kerala : स्ट्रॉन्ग रूम विवाद के बाद आयोग सख्त, मतगणना से पहले खोलने पर रोक
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Kerala केरल: चुनाव आयोग ने मंगलवार को केरल के सभी जिला चुनाव अधिकारियों और रिटर्निंग अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि मतगणना के दिन से पहले किसी भी स्थिति में कोई भी स्ट्रॉन्ग रूम नहीं खोला जाए। आयोग ने इसे चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताया है।

यह निर्देश केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रतन यू. केलकर द्वारा जारी किया गया, जो कोझिकोड के पेराम्बरा विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम रखने वाले एक स्ट्रॉन्ग रूम के कथित रूप से खोले जाने की रिपोर्ट के बाद सामने आया। इसके साथ ही पलक्कड़ जिले के नेनमारा विधानसभा क्षेत्र में भी एक और स्ट्रॉन्ग रूम खोलने की योजना की जानकारी सामने आने के बाद यह निर्देश और सख्त कर दिए गए।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय से जारी बयान में कहा गया है कि किसी भी स्थिति में इंडेक्स कार्ड तैयार करने या ENCORE पोर्टल में डेटा वेरिफिकेशन के लिए किसी भी स्ट्रॉन्ग रूम या सील किए गए कमरे को नहीं खोला जाएगा और न ही उसे एक्सेस किया जाएगा।

बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि चुनाव प्रक्रिया की ईमानदारी, पारदर्शिता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए सभी अधिकारियों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करना होगा।

इस बीच सोमवार को कोझिकोड जिला प्रशासन ने यह स्पष्ट किया था कि कोई भी स्ट्रॉन्ग रूम नहीं खोला गया है। जिला कलेक्टर और जिला चुनाव अधिकारी स्नेहिल कुमार सिंह ने बताया था कि JDT इस्लाम हायर सेकेंडरी स्कूल में केवल एक बिना सील वाला “मटीरियल रूम” उम्मीदवारों के एजेंटों की मौजूदगी में पोलिंग रिकॉर्ड की जांच और अपडेट के लिए खोला गया था।

अधिकारियों के अनुसार, ईवीएम और वीवीपैट मशीनें केंद्रीय पर्यवेक्षक और उम्मीदवारों के एजेंटों की निगरानी में भवन की पहली मंजिल पर स्थित सीलबंद स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रखी गई थीं और उस कमरे को नहीं खोला गया था।

हालांकि, इस घटना के बाद कांग्रेस और यूडीएफ गठबंधन के नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव नियमों का उल्लंघन हुआ है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

चुनाव आयोग ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी जिलों को निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा है, ताकि किसी भी प्रकार की गलतफहमी या विवाद से बचा जा सके।

गौरतलब है कि राज्य में 140 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को मतदान हुआ था और इसके परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। चुनाव आयोग अब इस पूरी प्रक्रिया पर कड़ी नजर बनाए हुए है।

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