
x
Thiruvananthapuram तिरुवनंतपुरम: केरल की राजधानी Thiruvananthapuram में राज्य बजट को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। पूर्व उद्योग मंत्री पी. राजीव ने बजट में प्रस्तावित ‘क्रिटिकल मिनरल कॉरिडोर’ को लेकर सरकार की नीतिगत दिशा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पी. राजीव ने कहा कि पिछली सरकार के बजट में इस कॉरिडोर को लेकर एक स्पष्ट विचार रखा गया था, जिसमें इसे मुख्य रूप से सार्वजनिक क्षेत्र आधारित मॉडल के रूप में विकसित करने की बात थी। इसके तहत तकनीकी साझेदारों के साथ मिलकर राज्य के खनिज संसाधनों का उपयोग करने की योजना थी।
हालांकि, मौजूदा बजट भाषण में इस महत्वपूर्ण पहल में सार्वजनिक क्षेत्र की भूमिका का उल्लेख नहीं किया गया है। राजीव के अनुसार, इसके बजाय निजी पूंजी के उपयोग पर अधिक जोर दिया गया है, जो एक गंभीर नीति परिवर्तन को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्रिटिकल मिनरल जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण और रणनीतिक संसाधनों को निजी हाथों में सौंपने की दिशा में यह एक अप्रत्यक्ष प्रयास हो सकता है। उनके मुताबिक, यह संसाधन राज्य की औद्योगिक और आर्थिक सुरक्षा के लिए बेहद अहम हैं और इन पर सार्वजनिक नियंत्रण आवश्यक है।
Kerala के औद्योगिक विकास के संदर्भ में क्रिटिकल मिनरल्स को भविष्य की एक महत्वपूर्ण संपत्ति माना जा रहा है, जो इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरी टेक्नोलॉजी और हाई-टेक उद्योगों में प्रमुख भूमिका निभाते हैं। राजीव ने चेतावनी दी कि यदि इस क्षेत्र में पूरी तरह निजी पूंजी को प्राथमिकता दी गई, तो इससे राज्य के दीर्घकालिक हित प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने सरकार से इस नीति पर पुनर्विचार करने की मांग की है। इस मुद्दे ने केरल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है, जहां एक ओर औद्योगिक निवेश और विकास की बात हो रही है, वहीं दूसरी ओर रणनीतिक संसाधनों के नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।
Tagsतिरुवनंतपुरमकेरलपी. राजीवराज्य बजटक्रिटिकल मिनरल कॉरिडोरउद्योग क्षेत्रसार्वजनिक क्षेत्रनिजी पूंजीखनिज संसाधननीति विवादऔद्योगिक विकासThiruvananthapuramKeralaP. RajeevState BudgetCritical Mineral CorridorIndustry SectorPublic SectorPrivate CapitalMineral ResourcesPolicy ControversyIndustrial Development
Next Story





