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Kerala : लक्षद्वीप में टूना उत्पादन बढ़ाने की बड़ी योजना

Kavita2
8 July 2026 3:33 PM IST
Kerala : लक्षद्वीप में टूना उत्पादन बढ़ाने की बड़ी योजना
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लक्षद्वीप: केंद्र सरकार ने लक्षद्वीप के मत्स्य पालन क्षेत्र को मजबूत करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। द्वीप की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार माने जाने वाले टूना मछली उत्पादन को दोगुना करने के उद्देश्य से फिशरीज सेक्टर के विकास के लिए एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया गया है।

इस योजना का मुख्य लक्ष्य अगले पांच वर्षों के भीतर लक्षद्वीप में टूना का वार्षिक उत्पादन बढ़ाकर 50,000 टन तक पहुंचाना है। इसके लिए गहरे समुद्र में मछली पकड़ने, समुद्री खेती और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।

CMFRI में हुई बैठक में तैयार हुआ मास्टर प्लान

लक्षद्वीप के मत्स्य पालन क्षेत्र के विकास को लेकर यह मास्टर प्लान सेंट्रल मरीन फिशरीज रिसर्च इंस्टीट्यूट (CMFRI) में आयोजित एक संयुक्त स्टेकहोल्डर बैठक के दौरान अंतिम रूप दिया गया।

बैठक में मत्स्य विभाग के अधिकारियों, वैज्ञानिकों, मछुआरा प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित पक्षों ने हिस्सा लिया। इसमें लक्षद्वीप में मछली उत्पादन बढ़ाने और मछुआरा समुदाय की आर्थिक स्थिति सुधारने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

टूना उत्पादन बढ़ाना मुख्य लक्ष्य

लक्षद्वीप में टूना मछली पकड़ना लंबे समय से स्थानीय लोगों की आजीविका का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। यहां के समुद्री संसाधन टूना उत्पादन के लिए काफी अनुकूल माने जाते हैं।

मास्टर प्लान के तहत आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर टूना उत्पादन क्षमता को बढ़ाने की योजना बनाई गई है। सरकार का लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना ही नहीं, बल्कि मछुआरों की आय में भी वृद्धि करना है।

इसके लिए गहरे समुद्र में मछली पकड़ने की तकनीक को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि मछुआरे अधिक मात्रा में और बेहतर गुणवत्ता वाली मछलियां पकड़ सकें।

डीप सी फिशिंग पर रहेगा जोर

मास्टर प्लान में डीप सी फिशिंग को प्रमुख स्थान दिया गया है। इसके जरिए मछुआरों को तट के पास सीमित मछली पकड़ने के बजाय समुद्र के गहरे हिस्सों में जाकर बड़े स्तर पर मछली पकड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

इसके लिए आधुनिक नावों, बेहतर उपकरणों और प्रशिक्षण की व्यवस्था करने की योजना है। इससे मछुआरों की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और उन्हें अधिक आर्थिक लाभ मिल सकेगा।

मैरीकल्चर और समुद्री शैवाल की खेती को बढ़ावा

फिशरीज सेक्टर के विकास के लिए तैयार किए गए प्लान में मैरीकल्चर (समुद्री मछली पालन) को भी शामिल किया गया है।

इसके अलावा समुद्री शैवाल की खेती को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है। समुद्री शैवाल का इस्तेमाल खाद्य उत्पादों, दवाओं और अन्य उद्योगों में किया जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, समुद्री खेती के विस्तार से लक्षद्वीप के लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित होंगे।

इंफ्रास्ट्रक्चर को किया जाएगा मजबूत

मास्टर प्लान में मत्स्य पालन से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।

इसके तहत मछली पकड़ने, भंडारण, प्रसंस्करण और परिवहन सुविधाओं को बेहतर बनाने की योजना है। आधुनिक सुविधाओं के विकास से मछलियों की गुणवत्ता बनाए रखने और बाजार तक पहुंच आसान बनाने में मदद मिलेगी।

सरकार का उद्देश्य लक्षद्वीप के मत्स्य उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाना भी है।

मछुआरों की आर्थिक स्थिति सुधारने का प्रयास

लक्षद्वीप में बड़ी संख्या में लोग मछली पालन और उससे जुड़े कामों पर निर्भर हैं। ऐसे में इस मास्टर प्लान को स्थानीय समुदाय की आजीविका सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

योजना के तहत मछुआरों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक और बाजार से जुड़ने के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।

सरकार का मानना है कि मत्स्य क्षेत्र के विकास से न केवल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

समुद्री संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल की योजना

लक्षद्वीप के पास मौजूद विशाल समुद्री संसाधनों का बेहतर और टिकाऊ इस्तेमाल इस योजना का एक अहम हिस्सा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाया जाए तो लक्षद्वीप भारत के प्रमुख समुद्री मत्स्य उत्पादन केंद्रों में शामिल हो सकता है।

आने वाले वर्षों में दिखेगा असर

टूना उत्पादन को 50,000 टन तक पहुंचाने का लक्ष्य एक महत्वाकांक्षी योजना है। इसके लिए सरकार, वैज्ञानिक संस्थानों और स्थानीय मछुआरा समुदाय के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत होगी।

मास्टर प्लान लागू होने के बाद लक्षद्वीप के फिशरीज सेक्टर में बड़े बदलाव आने की उम्मीद है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और हजारों लोगों की आजीविका को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

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