
Kerala केरल: तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में एक सड़क हादसे के बाद ब्रेन डेड घोषित किए गए 24 वर्षीय युवक एच. अरुण अब अपने अंगदान के जरिए नौ लोगों के जीवन में उम्मीद बनकर सामने आए हैं। अरुण के इस निर्णय और परिवार की सहमति से कई मरीजों को नया जीवन मिला है, जिन्हें अलग-अलग अंग प्रत्यारोपण के माध्यम से लाभ मिला है।
हरिकुमार और श्रीलता के पुत्र एच. अरुण (24) का एक बाइक दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद निधन हो गया था। डॉक्टरों ने इलाज के दौरान उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया था। इसके बाद परिवार ने एक बड़ा और मानवीय निर्णय लेते हुए उनके अंगदान की अनुमति दी।
अरुण ने अपने जीवन के बाद भी कई लोगों को जीवन देने का मार्ग चुना। उनके अंगदान के तहत कॉर्निया, हार्ट वाल्व, फेफड़े, छोटी आंत और लिवर दान किए गए। इन अंगों को चेन्नई के विभिन्न अस्पतालों में इलाज कर रहे कुल नौ मरीजों में सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, यह प्रत्यारोपण कई गंभीर मरीजों के लिए जीवन रक्षक साबित हुआ है।
अरुण की शिक्षा कोट्टियम स्थित एस.एन. पॉलिटेक्निक कॉलेज से हुई थी, जहां उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा प्राप्त किया था। वह श्रीपेरंबदूर में एक ऐसी कंपनी में कार्यरत थे, जो वाहनों के लिए इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स और सेंसर का निर्माण करती है।
परिवार और स्थानीय लोगों ने अरुण के इस निर्णय को एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया है। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे, जिनमें राजनीतिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों की कई जानी-मानी हस्तियां भी शामिल थीं। मंत्री पी.सी. विष्णुनाथ ने भी अंतिम संस्कार में भाग लेकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
अरुण के परिवार में उनके भाई एच. अखिल भी हैं, जिन्होंने इस कठिन समय में हिम्मत दिखाते हुए अंगदान के निर्णय का समर्थन किया।
यह घटना न केवल एक दुखद सड़क हादसे की कहानी है, बल्कि यह भी दिखाती है कि अंगदान के माध्यम से एक व्यक्ति कई लोगों को नया जीवन दे सकता है। अरुण का यह कदम समाज के लिए एक प्रेरणा बन गया है।





