
Kerala केरल: थेक्कडी क्षेत्र में नेशनल हाईवे से जुड़ी एक सड़क के धीरे-धीरे गायब होने और खराब स्थिति में पहुंचने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नेशनल हाईवे के लिए बनाए गए पुलिया (कलवर्ट) के निर्माण में हुई तकनीकी गलती के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है। यह सड़क कोविड अस्पताल के पास स्थित है और चेम्मनद ग्राम पंचायत के अधिकार क्षेत्र में आती है। स्थिति बिगड़ने के बाद क्षेत्र में रहने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह सड़क पिछले वर्ष कोस्टल कंजर्वेशन फंड (तटीय संरक्षण कोष) की सहायता से मरम्मत की गई थी, लेकिन इसके बावजूद सड़क की हालत लगातार खराब होती चली गई। लोगों का कहना है कि अब सड़क का एक हिस्सा लगभग गायब हो चुका है और यह पूरी तरह से उपयोग के लायक नहीं बची है।
यह सड़क लगभग 100 परिवारों के दैनिक आवागमन का प्रमुख मार्ग है। इन परिवारों में कई स्थानीय व्यवसायी और आम नागरिक शामिल हैं, जिन्हें अब वैकल्पिक रास्तों से लंबा सफर तय करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि सड़क के खराब होने से आपातकालीन सेवाओं, स्कूल जाने वाले बच्चों और मरीजों को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
इस विवाद में एक और महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि जाने-माने पब्लिक वर्क्स कॉन्ट्रैक्टर अब्बास थेक्किल का घर भी इसी सड़क पर स्थित है। बताया जाता है कि उन्होंने नेशनल हाईवे परियोजना के लिए आवश्यक भूमि कानूनी नियमों के तहत निःशुल्क प्रदान की थी, जिसकी कीमत लगभग 50 लाख रुपये आंकी गई थी। स्थानीय लोग इसे भी इस परियोजना के प्रति उनके योगदान के रूप में देखते हैं, लेकिन अब उसी सड़क की दुर्दशा से वे भी प्रभावित हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नेशनल हाईवे के निर्माण कार्य के दौरान कलवर्ट की डिजाइन या निर्माण में तकनीकी खामी रही है, जिसके कारण पानी का बहाव सही तरीके से नहीं हो पा रहा है और सड़क धीरे-धीरे कटाव की चपेट में आ रही है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो पूरा मार्ग पूरी तरह समाप्त हो सकता है।
इस मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है। लोगों ने कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायत दी, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकला। स्थिति बिगड़ने पर उडुमा के विधायक के. नीलकंदन ने मौके का दौरा किया और हालात का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं।
विधायक ने तुरंत नेशनल हाईवे प्राधिकरण के अधिकारियों को मौके पर बुलाया और उन्हें स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सड़क के नुकसान की गंभीरता को देखते हुए तत्काल तकनीकी जांच की जाए और मरम्मत का स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि लोगों की परेशानी कम हो सके।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, प्रारंभिक स्तर पर यह मामला जल निकासी व्यवस्था से जुड़ा हुआ माना जा रहा है, लेकिन विस्तृत जांच के बाद ही असल कारण स्पष्ट हो पाएगा। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि यदि निर्माण में कोई तकनीकी गलती पाई जाती है, तो जिम्मेदारी तय की जाएगी।
फिलहाल क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और लोग जल्द से जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क उनके दैनिक जीवन की रीढ़ है और इसके खराब होने से उनका सामान्य जीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क को तत्काल बहाल किया जाए और भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न हो, इसके लिए उच्च स्तरीय जांच की जाए। अब सभी की नजरें नेशनल हाईवे प्राधिकरण की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।





