केरल

Kerala : डेंगू के बाद चिकनगुनिया की दस्तक, 35 मरीज मिले

Kavita2
8 July 2026 3:42 PM IST
Kerala : डेंगू के बाद चिकनगुनिया की दस्तक, 35 मरीज मिले
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राजधानी: बारिश के मौसम के बीच राजधानी जिले में मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है। डेंगू के मामलों के साथ अब चिकनगुनिया के मरीज भी सामने आने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पिछले महीने करीब 35 लोगों ने अलग-अलग अस्पतालों में चिकनगुनिया का इलाज कराया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन मानसून के दौरान मच्छरों की संख्या बढ़ने से चिकनगुनिया और डेंगू दोनों के मामलों में इजाफा हो सकता है। ज्यादातर संक्रमित मरीज शहरी क्षेत्रों से सामने आ रहे हैं।

शहरी इलाकों में ज्यादा मामले

स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, चिकनगुनिया के अधिकतर मामले राजधानी के शहरी क्षेत्रों से रिपोर्ट किए गए हैं। बारिश के कारण कई जगह जलभराव और मच्छरों के पनपने की स्थिति बन जाती है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है।

चिकनगुनिया वायरस से होने वाली बीमारी है, जो संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से फैलती है। यही मच्छर डेंगू फैलाने के लिए भी जिम्मेदार होता है।

2020-21 में बड़े स्तर पर फैला था संक्रमण

स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2020-21 के दौरान राज्य में चिकनगुनिया का बड़ा प्रकोप देखने को मिला था। उस समय भी सबसे ज्यादा संक्रमित मरीज राजधानी जिले से ही सामने आए थे।

हालांकि पिछले कुछ वर्षों में चिकनगुनिया के मामलों में बड़ी वृद्धि नहीं देखी गई, लेकिन इस बार मानसून के दौरान फिर से मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है।

बीमारी जानलेवा नहीं, लेकिन परेशानियां लंबे समय तक रह सकती हैं

डॉक्टरों के अनुसार, चिकनगुनिया आमतौर पर जानलेवा बीमारी नहीं होती, लेकिन इसके बाद होने वाली शारीरिक परेशानियां मरीजों के लिए लंबे समय तक समस्या बन सकती हैं।

इस बीमारी में तेज बुखार, जोड़ों में दर्द, शरीर में कमजोरी और थकान जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। कई मरीज ठीक होने के बाद भी लंबे समय तक जोड़ों के दर्द और शारीरिक कमजोरी से परेशान रहते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो कई साल पहले चिकनगुनिया से संक्रमित हुए थे, लेकिन आज भी उन्हें इसके बाद की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बारिश के मौसम में बढ़ता है खतरा

चिकनगुनिया का संक्रमण बारिश के मौसम में तेजी से फैलता है, क्योंकि इस दौरान मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन जाती हैं।

घरों के आसपास जमा साफ पानी, गमले, टायर, खुले कंटेनर और अन्य जगहों पर मच्छर पनप सकते हैं। ऐसे में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अपने आसपास पानी जमा न होने दें और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं।

डॉक्टरों ने दी सावधानी बरतने की सलाह

चिकित्सकों का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति को लगातार तेज बुखार, शरीर में दर्द, जोड़ों में परेशानी या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

उन्होंने सलाह दी है कि लोग बिना जांच के खुद से दवा न लें, खासकर बुखार की स्थिति में चिकित्सकीय सलाह जरूरी है।

स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी

चिकनगुनिया और डेंगू के मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। अस्पतालों में आने वाले बुखार के मरीजों की जांच की जा रही है और संदिग्ध मामलों पर नजर रखी जा रही है।

मच्छरों के नियंत्रण के लिए फॉगिंग, साफ-सफाई और जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि चिकनगुनिया से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका मच्छरों से बचना है। इसके लिए पूरी बांह के कपड़े पहनना, मच्छरदानी का इस्तेमाल करना और घर के आसपास सफाई रखना जरूरी है।

राजधानी में डेंगू के साथ चिकनगुनिया के बढ़ते मामलों ने एक बार फिर मानसून के दौरान स्वास्थ्य सतर्कता की जरूरत को सामने ला दिया है। हालांकि स्थिति गंभीर नहीं बताई जा रही है, लेकिन विशेषज्ञों ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।

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