
Kerala केरल: केरल के कोझिकोड जिले में गुरुवार को एक बेहद भावुक दृश्य देखने को मिला, जब करीब दो दशक बाद अब्दुल रहीम अपने घर लौटे और अपनी मां सहित परिवार के अन्य सदस्यों से मिले। फेरोक निवासी अब्दुल रहीम 2006 में सऊदी अरब में एक दिव्यांग बच्चे की हत्या के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद से जेल में बंद थे। गुरुवार सुबह उनकी सजा पूरी होने के बाद वे भारत लौटे।
घर पहुंचने पर उनके स्वागत के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। सैकड़ों की भीड़ सुबह से ही उनके घर के बाहर जमा हो गई थी। जैसे ही अब्दुल रहीम ने अपनी बुजुर्ग मां फातिमा को देखा, माहौल भावुक हो गया। उन्होंने अपनी मां को गले लगाया और दोनों की आंखों में आंसू थे। वहां मौजूद लोगों ने भी इस पुनर्मिलन के दृश्य को भावनात्मक रूप से देखा और उन्हें हिम्मत दी।
Kozhikode के फेरोक क्षेत्र में यह मुलाकात लंबे इंतजार और संघर्ष के बाद आई राहत के रूप में देखी जा रही है। मां-बेटे के इस मिलन ने पूरे इलाके में खुशी और भावनाओं का माहौल बना दिया।
अब्दुल रहीम ने अपनी मां को गले लगाते हुए केवल इतना कहा, “सभी का शुक्रिया।” उनके चेहरे पर लंबे समय की कठिनाइयों के बाद मिली राहत साफ झलक रही थी।
इस पूरे मामले में एक बड़ा पहलू यह भी रहा कि उनकी रिहाई और सजा में राहत दिलाने के लिए बड़े पैमाने पर क्राउडफंडिंग की गई थी। वर्ष 2024 में, 15 मिलियन सऊदी रियाल (लगभग 34 करोड़ रुपये) की “ब्लड मनी” जुटाने के लिए राज्य और प्रवासी समुदाय ने मिलकर अभियान चलाया। यह अभियान केरल में अब तक की सबसे बड़ी सामूहिक आर्थिक मदद पहलों में से एक माना जा रहा है।
Saudi Arabia में चले कानूनी मामले के बाद उनकी सजा समाप्त होने और रिहाई के बाद यह पुनर्मिलन संभव हो सका। परिवार के लिए यह दिन केवल एक मुलाकात नहीं, बल्कि वर्षों के संघर्ष और उम्मीदों के पूरा होने जैसा रहा।
स्थानीय लोगों के अनुसार, जैसे ही यह खबर फैली कि अब्दुल रहीम घर लौट रहे हैं, पूरे इलाके में उत्साह का माहौल बन गया। बकरीद के मौके पर उनका घर लौटना परिवार के लिए एक और खास खुशी लेकर आया।
इस घटना ने न केवल परिवार बल्कि पूरे समुदाय को भावुक कर दिया है, जहां लोग इस लंबे संघर्ष और वापसी को एक भावनात्मक और ऐतिहासिक क्षण के रूप में देख रहे हैं।





