
Kerala केरल: उदयनपुरम पंचायत के वार्ड 8 स्थित इटिवेली घर की 80 वर्षीय किसान ओमाना आज भी अपनी मेहनत और लगन से खेती कर लोगों के लिए प्रेरणा बनी हुई हैं। ओमाना ने मात्र 13 साल की उम्र से खेतों में काम करना शुरू किया था और आज भी वह धान की खेती से जुड़ी हुई हैं।
ओमाना का कहना है कि उन्हें मिट्टी की खुशबू के बिना नींद नहीं आती और खेती ही उनकी जिंदगी और आजीविका है। वह कहती हैं कि वह चाहती हैं कि उनकी अंतिम सांस भी इसी धान के खेत में हो। वर्तमान में ओमाना करीब 240 एकड़ धान के खेतों को लीज पर लेकर चावल की खेती कर रही हैं। वह खेत की तैयारी से लेकर कटाई तक हर काम में खुद मौजूद रहती हैं।
उन्होंने बताया कि पहले उनके गांव में बड़े पैमाने पर खेती होती थी, लेकिन अब धीरे-धीरे किसान खेती से दूर हो रहे हैं। नई पीढ़ी की खेती में कम रुचि को लेकर उन्हें चिंता भी है। ओमाना मानती हैं कि धान की खेती उनकी विरासत है, जिसे बचाना हर पीढ़ी का कर्तव्य है।
हाल ही में एक घटना में एक आवारा कुत्ते ने ओमाना और उनकी पोती पर हमला कर दिया, जिसमें उन्हें चोटें आईं और अस्पताल में इलाज कराना पड़ा। इसके बावजूद उनका हौसला कम नहीं हुआ और वह फिर से अगली फसल की तैयारी में जुट गईं।
उदयनपुरम सर्विस कोऑपरेटिव बैंक की ओर से उन्हें खेती के लिए बिना ब्याज का ऋण भी मिलता है, जिसे फसल बिक्री के बाद चुकाया जाता है।





