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Kerala : एनेस्थीसिया के बाद 18 महीने के बच्चे की मौत

Kavita2
11 July 2026 4:00 PM IST
Kerala : एनेस्थीसिया के बाद 18 महीने के बच्चे की मौत
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कन्नूर : केरल के कन्नूर जिले में एक 18 महीने के बच्चे की मौत के मामले में पुलिस ने एक डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। परिवार ने आरोप लगाया है कि बच्चे की मौत मेडिकल लापरवाही के कारण हुई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

मृतक बच्चे की पहचान एरामम-कुट्टूर निवासी टी. सूरज और विजिशा के इकलौते बेटे देवांश शौर्य के रूप में हुई है। परिवार के अनुसार, बच्चे की मौत अस्पताल में इलाज के दौरान हुई, जहां उसे चोट के इलाज के लिए ले जाया गया था।

घर के बाहर गिरने से लगी थी चोट

जानकारी के मुताबिक, 5 जुलाई को देवांश शौर्य अपने घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान वह गिर गया, जिससे उसके होंठ पर चोट लग गई।

चोट लगने के बाद परिजन उसे तुरंत मथमंगलम के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने बच्चे को प्राथमिक उपचार दिया।

इसके बाद बेहतर इलाज के लिए बच्चे को पय्यान्नूर स्थित बेबी मेमोरियल हॉस्पिटल ले जाया गया।

टांके लगाने के लिए दिया गया एनेस्थीसिया

परिवार के अनुसार, अस्पताल में बच्चे के होंठ की चोट पर टांके लगाने के लिए उसे एनेस्थीसिया दिया गया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्चा बेहोश हो गया और उसकी हालत बिगड़ने लगी।

इसके बाद बच्चे को कन्नूर स्थित बेबी मेमोरियल हॉस्पिटल में रेफर किया गया, जहां उसे आगे का इलाज दिया गया।

बताया जा रहा है कि शुक्रवार रात करीब 9 बजे बच्चे की मौत हो गई।

परिवार ने लगाया लापरवाही का आरोप

बच्चे की मौत के बाद परिवार ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि एनेस्थीसिया देने के बाद बच्चे की हालत बिगड़ी और समय पर उचित उपचार नहीं मिलने के कारण उसकी मौत हुई।

परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने डॉक्टर अंजलि पोडुवाल के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

पुलिस जांच में जुटी

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान मेडिकल रिकॉर्ड, इलाज की प्रक्रिया और डॉक्टरों की भूमिका की समीक्षा की जाएगी।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बच्चे को एनेस्थीसिया देने के दौरान सभी जरूरी चिकित्सा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

IPC की धारा के तहत दर्ज हुआ मामला

परिवार की शिकायत के आधार पर डॉक्टर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 125 के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह धारा ऐसे कृत्यों से जुड़ी है, जिनसे किसी व्यक्ति की जान या निजी सुरक्षा को खतरा पहुंच सकता है।

इस धारा के तहत दोष साबित होने पर सजा का प्रावधान है।

मेडिकल रिपोर्ट होगी अहम

मामले की जांच में मेडिकल रिपोर्ट और विशेषज्ञों की राय महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पुलिस अस्पताल से इलाज से जुड़े दस्तावेज जुटा सकती है और घटना के समय मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों से भी पूछताछ कर सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों को एनेस्थीसिया देने के मामलों में विशेष सावधानी बरतनी होती है, क्योंकि कम उम्र के बच्चों में इसके प्रभाव को लेकर अतिरिक्त निगरानी की जरूरत होती है।

परिवार को जांच से न्याय की उम्मीद

देवांश शौर्य की मौत के बाद परिवार सदमे में है। परिजनों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चे की मौत के पीछे किसी तरह की चिकित्सकीय लापरवाही थी या नहीं।

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