केरल

Kerala : 102 साल की अन्नाम्मा ने घर पर किया मतदान

Kavita2
5 April 2026 3:40 PM IST
Kerala : 102 साल की अन्नाम्मा ने घर पर किया मतदान
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Kerala केरल: 102 साल की अनम्मा अब्राहम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि लोकतंत्र में भागीदारी के लिए उम्र कोई बाधा नहीं होती। पोंगल इलायनी थोट्टम की निवासी अनम्मा ने हाल ही में अपने मताधिकार का प्रयोग किया, और उनकी चेहरे पर गर्व और नागरिक चेतना झलक रही थी।

अनम्मा अब्राहम लंबे समय से निर्वाचन क्षेत्र की सक्रिय मतदाता रही हैं। उनके छह बच्चे हैं, जिनमें से एक अब नहीं रहे। उम्र और शारीरिक असुविधाओं के कारण वे सीधे मतदान केंद्र तक नहीं जा सकती थीं। ऐसे में होम वोटिंग प्रणाली ने उन्हें अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अवसर दिया।

मतदान प्रक्रिया में त्रिकारीपुर निर्वाचन क्षेत्र के पोंगल संस्कार निलयम के बूथ संख्या 90 के अधिकारी सीधे अनम्मा के घर पहुंचे। उन्होंने सुनिश्चित किया कि वोटिंग पूरी तरह गोपनीय और सुरक्षित तरीके से हो। इस दौरान विशेष मतदान अधिकारी ई.एम. श्रीरंजिनी, माइक्रो ऑब्जर्वर वी.के. रंजीत, अब्दुल रहीमन और अन्य टीम के सदस्य उपस्थित थे।

अधिकारियों ने बताया कि अनम्मा को मतदान के दौरान किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्था घर पर ही कर दी गई थी। घर पर मतदान करते हुए अनम्मा ने अपने मतपत्र पर सही और स्वतंत्र निर्णय के साथ मतदान किया।

इस घटना ने चुनाव अधिकारियों और निर्वाचन क्षेत्र के लोगों में एक प्रेरणा का संदेश भी दिया। अनम्मा जैसे वरिष्ठ मतदाता यह साबित करते हैं कि लोकतंत्र में भागीदारी की भावना उम्र और शारीरिक स्थिति से प्रभावित नहीं होती।

स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि होम वोटिंग प्रणाली का उद्देश्य विशेष जरूरत वाले मतदाताओं को उनके घर पर ही मतदान का अवसर देना है। विशेष तौर पर वृद्ध और विकलांग मतदाताओं के लिए यह प्रक्रिया लोकतंत्र में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करती है।

अनम्मा का मतदान न केवल उनके व्यक्तिगत अधिकार का प्रतीक है, बल्कि यह समाज के लिए भी उदाहरण है कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति की आवाज़ महत्वपूर्ण है। मतदान के दौरान अधिकारियों ने पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखी।

मतदान अधिकारी ई.एम. श्रीरंजिनी ने कहा, “यह हमारे लिए गर्व की बात है कि 102 साल की अनम्मा ने भी लोकतंत्र में भाग लिया। यह दिखाता है कि लोकतंत्र में कोई उम्र की सीमा नहीं होती और हर नागरिक का मत महत्वपूर्ण है।”

स्थानीय नागरिकों ने भी अनम्मा की इस सक्रियता की प्रशंसा की। उनका कहना है कि यह उदाहरण हर युवा और बुजुर्ग को प्रेरित करता है कि वोटिंग केवल एक अधिकार ही नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी भी है।

इस तरह, अनम्मा अब्राहम का मतदान न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे त्रिकारीपुर निर्वाचन क्षेत्र के लिए लोकतंत्र और नागरिक जिम्मेदारी का प्रतीक बन गया है।

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