
Kerala केरल: केरल में प्रस्तावित सिल्वर लाइन (K-Rail) परियोजना को लेकर बड़ा राजनीतिक फैसला सामने आया है। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने दूसरी कैबिनेट बैठक में ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरी तरह रद्द करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही परियोजना से जुड़ी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को समाप्त करने, सर्वे के लिए लगाए गए पत्थरों को हटाने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने का भी फैसला लिया गया है।
इस निर्णय के बाद सबसे अधिक राहत एर्नाकुलम जिले में देखने को मिल रही है, जहां इस परियोजना का सबसे अधिक विरोध हुआ था। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह फैसला उनकी लंबे समय से चली आ रही मांगों के अनुरूप है और इससे बड़ी अनिश्चितता खत्म हुई है।
K-Rail सिल्वर लाइन परियोजना को पहले वामपंथी सरकार द्वारा एक ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में प्रस्तुत किया गया था, जिसका उद्देश्य कासरगोड से तिरुवनंतपुरम तक लगभग 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से यात्रा समय को घटाकर लगभग डेढ़ घंटे करना था। हालांकि, इस परियोजना को राज्य के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में व्यावहारिक और सामाजिक रूप से चुनौतीपूर्ण बताया गया था।
विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय समूहों ने लंबे समय से इस परियोजना का विरोध किया था। उनका कहना था कि भूमि अधिग्रहण से बड़ी संख्या में लोगों के घर, आजीविका और जीवन पर सीधा असर पड़ेगा। इस विरोध में गृहिणियों और महिलाओं की भी सक्रिय भागीदारी रही, जिन्होंने अपने घरों और भविष्य की सुरक्षा को लेकर आंदोलन में हिस्सा लिया।
स्थानीय लोगों का आरोप था कि सर्वे के दौरान लगाए गए पत्थरों ने उनके क्षेत्रों में तनाव और अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया था। कई जगहों पर प्रदर्शन के दौरान लोगों पर मामले दर्ज होने की भी शिकायतें सामने आई थीं।
अब सरकार के इस फैसले के बाद उन सभी मामलों को वापस लेने और सर्वे से जुड़े निशानों को हटाने की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। प्रशासनिक स्तर पर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
फिलहाल, इस निर्णय को राज्य की राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है और एर्नाकुलम सहित कई क्षेत्रों में लोगों ने इसे राहत भरा कदम बताया है।





