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कोच्चि: केरल हाई कोर्ट ने केरल वॉटर अथॉरिटी को सबरीमाला तीर्थयात्रा रूट पर अपनी बिल्डिंग्स की तुरंत मरम्मत करने और उन्हें मज़बूत करने का निर्देश दिया है। इस काम के लिए नीलिमाला बॉटम, नीलिमाला टॉप और अप्पाचिमेडु में मुख्य बूस्टर स्टेशन वाली बिल्डिंग्स की पहचान की गई है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि मरम्मत का काम 10 नवंबर तक पूरा कर लिया जाए। यह आदेश देवास्वोम बेंच ने जारी किया, जिसमें वी. राजा विजयराघवन और जस्टिस के.वी. जयकुमार शामिल थे।
वॉटर अथॉरिटी ने स्ट्रक्चर्स को फिर से बनाने के लिए 3.21 करोड़ रुपये का प्रपोज़ल दिया है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि प्रोजेक्ट तीर्थयात्रा सीज़न के तुरंत बाद शुरू होना चाहिए और सरकार से बिना देर किए एडमिनिस्ट्रेटिव मंज़ूरी देने को कहा है। सबरीमाला डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को मरम्मत के काम की प्रोग्रेस पर नज़र रखने का निर्देश दिया गया है। स्ट्रक्चरल इंजीनियर की मदद से रेगुलर इंटरवल पर स्ट्रक्चर्स का इंस्पेक्शन भी किया जाना चाहिए, और रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी जानी चाहिए। इस मामले पर 23 अक्टूबर को फिर से विचार किया जाएगा। सबरीमाला स्पेशल कमिश्नर ने पहले कोर्ट को एक रिपोर्ट सौंपी थी जिसमें बूस्टर स्टेशन वाली बिल्डिंग्स की खराब हालत के बारे में बताया गया था।
कोर्ट के निर्देश के बाद, केरल हाईवे रिसर्च इंस्टीट्यूट के अधिकारियों ने स्ट्रक्चर का इंस्पेक्शन किया और कोर्ट को स्थिति बताई। अधिकारियों ने सुझाव दिया कि तीर्थयात्रा के मौसम के बाद पंप हाउस का पूरा रेनोवेशन किया जाए। तब तक, इमारतों को सुरक्षित और काम करने लायक बनाने के लिए टेम्पररी मज़बूती के उपाय किए जाने चाहिए। सुझावों में स्लैब और बीम के लिए टेम्पररी सपोर्ट देना, कंक्रीट को गिरने से रोकना, खिड़कियों और दरवाजों की मरम्मत करना और इमारतों के आसपास उगी हुई हरियाली को हटाना शामिल है। अधिकारियों ने कहा कि इन टेम्पररी कामों के लिए 10 लाख रुपये काफी होंगे।
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