केरल

Kodikulam पंचायत में अवैध कचरा डंपिंग से हंगामा, एक हफ्ते बाद भी नहीं हुआ सफाई

Kavita2
9 May 2026 3:13 PM IST
Kodikulam पंचायत में अवैध कचरा डंपिंग से हंगामा, एक हफ्ते बाद भी नहीं हुआ सफाई
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Kerala केरल: केरल के कोडिकुलम पंचायत क्षेत्र में अवैध रूप से कचरा फेंके जाने की घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। थोडुपुझा-वन्नापुरम रोड पर ओनामचिरा मोड़ और बंगलावकवाला-चुटम्मावु रोड पर दो जगहों पर भारी मात्रा में कचरा डंप किया गया था, जिसे एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी हटाया नहीं गया है।

जानकारी के अनुसार, यह घटना पिछले शुक्रवार रात की है, जब अज्ञात लोगों द्वारा इन सड़कों और आसपास के खेतों में बड़ी मात्रा में कचरा फेंका गया। फेंके गए कचरे में कबाड़खाने से निकला प्लास्टिक, कंस्ट्रक्शन मलबा, पुराने बोरे, कपड़े, कांच के टुकड़े और अन्य खतरनाक सामग्री शामिल थी, जिससे स्थानीय पर्यावरण और लोगों की सुरक्षा पर खतरा बढ़ गया है।

कचरे के ढेर से बदबू फैलने और आवागमन में परेशानी के कारण ग्रामीणों का जीवन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही से न केवल सड़क किनारे का वातावरण खराब हो रहा है, बल्कि खेतों और पानी के स्रोतों के प्रदूषित होने का भी खतरा पैदा हो गया है।

ग्रामीणों ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद पंचायत अध्यक्ष, सदस्यों और संबंधित अधिकारियों ने शनिवार को मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया था। हालांकि, निरीक्षण के बाद भी अब तक कचरा हटाने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि प्रशासन की धीमी कार्रवाई के कारण क्षेत्र में अस्वच्छता फैल रही है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द इस कचरे को हटाकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

पंचायत स्तर पर अधिकारियों ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कचरा किसने और किस उद्देश्य से डंप किया। साथ ही इसे हटाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

फिलहाल इलाके में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और ग्रामीण लगातार सफाई की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।

यह घटना स्थानीय प्रशासन के लिए एक चुनौती बन गई है, क्योंकि यह न केवल पर्यावरणीय समस्या है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से भी जुड़ा गंभीर मामला है।

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