केरल

Idukki : बारिश से इलायची किसानों को राहत की उम्मीद

Kavita2
15 July 2026 3:28 PM IST
Idukki : बारिश से इलायची किसानों को राहत की उम्मीद
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इडुक्की : केरल के इडुक्की जिले में लगातार हो रही बारिश ने इलायची किसानों के चेहरे पर उम्मीद की चमक ला दी है। लंबे समय से बारिश की कमी और बढ़े तापमान से परेशान किसानों को अब बेहतर उत्पादन की उम्मीद नजर आने लगी है। किसानों का मानना है कि अगर मॉनसून का दौर आगे भी मजबूत रहा तो आने वाले ओणम सीजन में इलायची की पैदावार में सुधार हो सकता है।

इडुक्की देश के प्रमुख इलायची उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में किसान इलायची की खेती पर निर्भर हैं। लेकिन इस साल जून और जुलाई के शुरुआती दौर में बारिश की कमी ने इलायची के पौधों पर प्रतिकूल असर डाला था। पर्याप्त नमी नहीं मिलने के कारण कई इलायची बागानों में पौधों की वृद्धि प्रभावित हुई और किसानों को नुकसान की चिंता सताने लगी थी।

किसानों के अनुसार, इलायची की अच्छी पैदावार के लिए मौसम का संतुलित रहना बेहद जरूरी होता है। सामान्य तौर पर इलायची के बगीचों में तापमान 19 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच होना बेहतर माना जाता है। लेकिन बारिश की कमी के कारण कई इलाकों में तापमान बढ़कर करीब 24 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जिससे पौधों पर असर पड़ा।

अब पिछले कुछ दिनों से इडुक्की के कई हिस्सों में बारिश होने लगी है। खासकर कट्टप्पना और नेदुमकंदम स्थित इलायची उत्पादन क्षेत्रों में पिछले दो दिनों से अच्छी बारिश दर्ज की गई है। इससे किसानों को उम्मीद है कि मिट्टी में नमी बढ़ेगी और पौधों की स्थिति में सुधार आएगा।

इलायची किसानों का कहना है कि बारिश की वापसी से बागानों में नई जान आ गई है। लगातार बारिश से पौधों को जरूरी नमी मिलेगी और फूल आने तथा फल बनने की प्रक्रिया बेहतर हो सकती है। हालांकि, किसानों का कहना है कि उत्पादन में वास्तविक सुधार के लिए आने वाले दिनों में भी अच्छी बारिश जरूरी है।

मॉनसून का सीधा असर इलायची की खेती पर पड़ता है। पर्याप्त बारिश होने से पौधों को अनुकूल वातावरण मिलता है, जबकि सूखे जैसी स्थिति में सिंचाई का खर्च बढ़ जाता है। छोटे और मध्यम किसान बारिश पर ज्यादा निर्भर रहते हैं, इसलिए मौसम में बदलाव का असर उनकी आय पर भी पड़ता है।

किसानों को उम्मीद है कि इस बार ओणम के त्योहार के मौसम में इलायची की पैदावार बेहतर हो सकती है। ओणम के दौरान केरल में मसालों और कृषि उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में अच्छी पैदावार किसानों के लिए आर्थिक रूप से राहत देने वाली साबित हो सकती है।

हालांकि, किसानों ने यह भी कहा कि केवल कुछ दिनों की बारिश से पूरी समस्या खत्म नहीं होगी। इलायची की खेती के लिए लंबे समय तक संतुलित बारिश और अनुकूल मौसम की जरूरत होती है। अगर मॉनसून सामान्य रहा तो फसल को फायदा मिलेगा, लेकिन बारिश में फिर कमी आने पर किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इलायची एक संवेदनशील मसाला फसल है, जिस पर तापमान और नमी का सीधा प्रभाव पड़ता है। ज्यादा गर्मी और कम बारिश से पौधों में रोग लगने और उत्पादन घटने की संभावना बढ़ जाती है। वहीं, सही समय पर बारिश मिलने से फसल की गुणवत्ता और मात्रा दोनों में सुधार हो सकता है।

इडुक्की के किसान अब मौसम के अगले दौर पर नजर बनाए हुए हैं। लगातार बारिश जारी रहने की स्थिति में उन्हें इस सीजन में बेहतर उत्पादन की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि पिछले कुछ हफ्तों की परेशानी के बाद अब बारिश ने उन्हें नई उम्मीद दी है।

फिलहाल इलायची उत्पादक क्षेत्रों में किसान बागानों की देखभाल में जुटे हैं और अच्छी फसल की कामना कर रहे हैं। मॉनसून की मजबूती ही तय करेगी कि इस बार इडुक्की की इलायची खेती किसानों के लिए कितनी लाभदायक साबित होती है।

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