
वडानाप्पल्ली: नेशनल हाईवे निर्माण कार्य के चलते वडानाप्पल्ली पंचायत के वार्ड 9 और 11 में रहने वाले नादुविलकारा के लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि निर्माण कार्य के कारण उनका क्षेत्र लगभग अलग-थलग पड़ गया है। लोगों के पास न तो सुरक्षित पैदल रास्ता बचा है और न ही कोई सर्विस रोड, जिससे रोजमर्रा के कामों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
नादुविलकारा के निवासियों के अनुसार, नेशनल हाईवे का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है, लेकिन इसके चलते इलाके की कई पंचायत सड़कें बंद कर दी गई हैं। सड़क बंद होने से स्थानीय लोगों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट गया है और उन्हें आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
फुटपाथ और सर्विस रोड की कमी से परेशानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे निर्माण के दौरान पैदल चलने वालों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। इलाके में रहने वाले बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों ने बताया कि पहले वे पंचायत की सड़कों और आसपास के रास्तों का इस्तेमाल करते थे, लेकिन निर्माण कार्य के चलते ये रास्ते बंद हो गए हैं। अब घरों तक पहुंचने के लिए भी परेशानी होती है। आपात स्थिति में मरीजों या बुजुर्गों को बाहर ले जाना भी चुनौती बन गया है।
निवासियों की मांग है कि हाईवे निर्माण पूरा होने तक अस्थायी रास्ते या सर्विस रोड की व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों की दैनिक जरूरतें प्रभावित न हों।
पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित
आवागमन की समस्या के साथ-साथ नादुविलकारा के लोगों को पीने के पानी की समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, पेयजल पाइपलाइन में खराबी आने के कारण वॉटर अथॉरिटी से नियमित पानी की आपूर्ति नहीं मिल पा रही है।
लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान पाइपलाइन को नुकसान पहुंचा है, जिससे कई घरों में पानी की समस्या पैदा हो गई है। गर्मी और रोजमर्रा की जरूरतों के बीच पीने के पानी की कमी ने लोगों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं।
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से जल्द पाइपलाइन की मरम्मत कर जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है।
जलधारा का रास्ता रुका, घरों में भरा पानी
नेशनल हाईवे निर्माण का एक और गंभीर असर क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था पर पड़ा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, निर्माण कार्य के कारण एक प्राकृतिक जलधारा का रास्ता अवरुद्ध हो गया है। इसके चलते बारिश का पानी सही तरीके से बाहर नहीं निकल पा रहा है और कई घरों में पानी भर गया है।
जलभराव के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष परेशानी हो रही है। घरों के आसपास पानी जमा रहने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ गया है।
निवासियों का कहना है कि यदि जल्द जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो स्थिति और खराब हो सकती है।
बच्चों और बुजुर्गों पर सबसे ज्यादा असर
इलाके के लोगों ने बताया कि मौजूदा हालात में बच्चों का स्कूल जाना और बुजुर्गों का इलाज के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। सड़क बंद होने और जलभराव के कारण सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन निर्माण के दौरान लोगों की बुनियादी जरूरतों का ध्यान रखा जाना चाहिए। उनका आरोप है कि हाईवे निर्माण एजेंसियों और संबंधित विभागों ने स्थानीय समस्याओं को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं दी।
प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
नादुविलकारा के लोगों ने पंचायत और संबंधित अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में वैकल्पिक सड़क व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति बहाल करना और जल निकासी की समस्या का समाधान शामिल है।
लोगों का कहना है कि हाईवे निर्माण पूरा होने तक अस्थायी उपाय किए जाने चाहिए, ताकि स्थानीय निवासियों को और परेशानी न उठानी पड़े।
विकास कार्य के साथ जरूरी है लोगों की सुविधा
नेशनल हाईवे परियोजना को क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास कार्यों के साथ नागरिकों की सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
नादुविलकारा के निवासियों की समस्याएं यह दिखाती हैं कि बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट के दौरान स्थानीय लोगों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कितनी जरूरी होती है। अब लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द कदम उठाकर उनकी समस्याओं का समाधान करेगा और उन्हें सामान्य जीवन वापस मिल सकेगा।





