केरल

पिता के नाम में त्रुटि पर सख्त हाई कोर्ट, प्रमाण पत्र संशोधित करने के आदेश

Tara Tandi
2 Oct 2026 6:33 PM IST
पिता के नाम में त्रुटि पर सख्त हाई कोर्ट, प्रमाण पत्र संशोधित करने के आदेश
x
तिरुवनंतपुरम: केरल हाई कोर्ट ने लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले एक जोड़े के बच्चे के जन्म रिकॉर्ड में पिता का नाम ठीक करने का आदेश दिया है। जस्टिस पी. वी. कुन्हीकृष्णन ने बच्चों के संरक्षक (पेरेंट्स पैट्रिया) के तौर पर कोर्ट की शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए यह आदेश दिया।
बच्चे की माँ ने 2007 में शादी की थी और 2021 में उनका तलाक हो गया। बाद में वह एक दूसरे व्यक्ति के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगीं और इस साल फरवरी में उस रिश्ते से एक बच्चा हुआ। हालाँकि, कोच्चि कॉर्पोरेशन ने जन्म रजिस्टर में बच्चे के पिता के तौर पर उनके पहले पति का नाम दर्ज कर दिया। जन्म रजिस्टर में एंट्री ठीक करने की उनकी अर्ज़ी को कोच्चि कॉर्पोरेशन द्वारा खारिज किए जाने के बाद जोड़े ने हाई कोर्ट का रुख किया।
मौजूदा कानून के तहत, बच्चे की DNA टेस्ट रिपोर्ट समेत सहायक सबूतों के बिना जन्म रिकॉर्ड में पिता का नाम ठीक करने की इजाज़त नहीं है। हालाँकि, कोर्ट ने कहा कि DNA टेस्ट पर ज़ोर देने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि याचिका में बच्चे के असली पिता की पहचान को लेकर कोई विवाद नहीं था। कोर्ट ने यह भी गौर किया कि महिला के पूर्व पति को भेजा गया नोटिस उन्होंने स्वीकार भी नहीं किया था। कोर्ट ने कहा कि जिन मामलों में कानून कोई उपाय नहीं देता, वहाँ संविधान के तहत वह दखल दे सकती है। इसके अनुसार, कोर्ट ने अधिकारियों को 30 दिनों के भीतर जन्म प्रमाण पत्र ठीक करने का निर्देश दिया।
Next Story