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केरल में भारी बारिश का कहर, सात लोगों की मौत

Kavita2
2 Aug 2026 10:57 AM IST
केरल में भारी बारिश का कहर, सात लोगों की मौत
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तिरुवनंतपुरम। केरल में लगातार हो रही भारी बारिश ने शनिवार को कई इलाकों में तबाही मचा दी। बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं। राज्य के कई जिलों में बाढ़, भूस्खलन और जलभराव की स्थिति बन गई है। भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है और कई स्थानों पर सड़क और पुल पानी में डूब गए हैं।

राज्य के कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम और पथानामथिट्टा जिलों में बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है। इन इलाकों में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है और कई निचले क्षेत्रों में पानी भर गया है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और राहत कार्य शुरू कर दिए गए हैं।

जानकारी के अनुसार, दक्षिण केरल के पूर्वी हिस्सों में शुक्रवार रात करीब 11 बजे से तेज बारिश शुरू हुई, जो कई घंटों तक जारी रही। लगातार बारिश के कारण रात करीब 2:30 बजे कई नदियां उफान पर आ गईं। अचानक बढ़े जलस्तर से आसपास के इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।

कोट्टायम जिले में बारिश का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला। यहां मणिमाला और पुल्लाक्कयार नदियां उफान पर हैं। कई इलाकों में पानी भर गया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। जिले का कूटिकल पुल भी पानी में डूब गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है।

इसके अलावा पम्पा नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। नदी के आसपास रहने वाले लोगों में चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए हैं।

भारी बारिश के कारण कई जिलों में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। कई जगहों पर सड़कें पानी में डूब गई हैं, जिससे वाहनों की आवाजाही में परेशानी आ रही है। कुछ इलाकों में यातायात को नियंत्रित करना पड़ा है और लोगों को वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

कोझिकोड, मलप्पुरम, कन्नूर और पलक्कड़ जिलों में भी छोटे स्तर के भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। पहाड़ी इलाकों में मिट्टी खिसकने की घटनाओं के बाद प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। लगातार बारिश के चलते इन क्षेत्रों में और भूस्खलन की आशंका बनी हुई है।

मौसम की स्थिति को देखते हुए राहत और बचाव दलों को अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाकों में पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही हैं। स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जलभराव, भूस्खलन और अन्य आपात स्थितियों पर तुरंत कार्रवाई करें।

बारिश से हुई मौतों के बाद राज्य में शोक का माहौल है। अधिकारियों के अनुसार, मृतकों में तीन बच्चे भी शामिल हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है। प्रशासन प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में जुटा है।

केरल में मानसून के दौरान भारी बारिश और भूस्खलन की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। राज्य का पहाड़ी भूभाग और लगातार बारिश कई बार गंभीर हालात पैदा कर देते हैं। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां लगातार मौसम और जलस्तर पर नजर बनाए रखती हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार बारिश के कारण जमीन में नमी बढ़ जाती है, जिससे पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, नदियों में तेजी से बढ़ता जलस्तर निचले क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति पैदा कर सकता है।

राज्य प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। लोगों को नदी किनारे, कमजोर ढलानों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

फिलहाल केरल के प्रभावित जिलों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। राहत टीमें जरूरतमंद लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। प्रशासन का कहना है कि प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल करना है।

भारी बारिश के कारण पैदा हुए हालात ने एक बार फिर राज्य में आपदा प्रबंधन की चुनौती को सामने ला दिया है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।

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