केरल

आदिमाली में भारी बारिश से तबाही, करीब 100 दुकानें डूबीं

Kavita2
10 Aug 2026 4:31 PM IST
आदिमाली में भारी बारिश से तबाही, करीब 100 दुकानें डूबीं
x

आदिमाली। केरल के आदिमाली में शनिवार को हुई भारी बारिश ने शहर के व्यापारिक इलाकों में व्यापक नुकसान पहुंचाया। लगातार हुई तेज बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया और करीब 100 दुकानें जलभराव की चपेट में आ गईं। दुकानों में पानी घुसने से व्यापारियों को लाखों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। सबसे अधिक प्रभावित लाइब्रेरी रोड रहा, जहां बड़ी संख्या में दुकानों में पानी भर गया और वहां रखा सामान खराब हो गया।

भारी बारिश के कारण शहर के प्रमुख मार्गों पर भी जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। वीटी जंक्शन से एडप्पाडु जंक्शन तक नेशनल हाईवे के किनारे स्थित दुकानों में भी बारिश का पानी घुस गया। अचानक पानी बढ़ने के कारण व्यापारियों को सामान सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाया। कई दुकानदारों ने काफी देर तक पानी के बीच रहकर सामान बचाने की कोशिश की, लेकिन बड़ी मात्रा में सामग्री बर्बाद हो गई।

लाइब्रेरी रोड पर सबसे ज्यादा नुकसान

बारिश से सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में लाइब्रेरी रोड शामिल है। यहां कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों में पानी काफी अंदर तक पहुंच गया। दुकानदारों के मुताबिक, पानी के तेज बहाव के कारण हालात कुछ ही समय में बिगड़ गए।

दुकानों में रखे कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, फर्नीचर, घरेलू सामान और अन्य सामग्री पानी में भीगने के बाद खराब हो गई। कई दुकानदारों ने बताया कि उन्होंने ओणम के मद्देनजर पहले ही अतिरिक्त सामान मंगाकर रखा था। त्योहार के दौरान बिक्री बढ़ने की उम्मीद में किया गया यह निवेश अब उनके लिए भारी नुकसान में बदल गया है।

बारिश थमने के बाद दुकानदारों ने दुकानों से पानी निकालने और खराब सामान को बाहर करने का काम शुरू किया। कई स्थानों पर सड़क और दुकान के अंदर जमा पानी और कीचड़ के कारण सफाई में भी परेशानी हुई।

हाईवे किनारे की दुकानों में भी घुसा पानी

वीटी जंक्शन से एडप्पाडु जंक्शन तक नेशनल हाईवे के किनारे स्थित दुकानों को भी भारी बारिश का खामियाजा भुगतना पड़ा। हाईवे के आसपास पानी जमा होने के बाद यह दुकानों के अंदर तक पहुंच गया।

व्यापारियों का कहना है कि सड़क से पानी की निकासी पर्याप्त तेजी से नहीं हो सकी। इसके चलते कई दुकानों में काफी देर तक पानी जमा रहा। दुकानदारों को अपना सामान निकालने और नुकसान का आकलन करने में भी कठिनाई हुई।

ओणम सीजन से पहले कारोबारियों को झटका

ओणम के दौरान बाजारों में खरीदारी बढ़ने की उम्मीद रहती है। इसी को देखते हुए आदिमाली के व्यापारियों ने भी कई सप्ताह पहले से तैयारी शुरू कर दी थी। दुकानों में नए स्टॉक के साथ-साथ ग्राहकों की मांग के अनुसार अतिरिक्त सामान मंगाया गया था।

बारिश के कारण बड़ी मात्रा में यही सामान पानी में डूब गया। कारोबारियों का कहना है कि त्योहार से पहले हुए नुकसान ने उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है। जिन व्यापारियों ने उधार लेकर या अपनी जमा पूंजी लगाकर सामान खरीदा था, उनके लिए नुकसान की भरपाई करना और भी मुश्किल हो सकता है।

लाखों के नुकसान का अनुमान

करीब 100 दुकानों के प्रभावित होने से कुल नुकसान लाखों रुपये तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि, अभी तक नुकसान का आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है। प्रत्येक दुकान में नुकसान की मात्रा अलग-अलग होने के कारण विस्तृत सर्वे के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

व्यापारियों का कहना है कि कई दुकानों में केवल बिक्री के लिए रखा सामान ही नहीं, बल्कि फर्नीचर, मशीनें, कंप्यूटर, बिजली के उपकरण और अन्य संसाधन भी खराब हुए हैं। इससे उन्हें दोहरी आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है।

मुआवजे की मांग तेज

बारिश से प्रभावित व्यापारियों ने प्रशासन से तत्काल नुकसान का सर्वे कराने और उचित मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि अधिकारियों को प्रत्येक प्रभावित दुकान का मौके पर निरीक्षण कर नुकसान का सही ब्यौरा तैयार करना चाहिए।

व्यापारियों ने कहा कि छोटे दुकानदारों के लिए इस तरह के अचानक नुकसान से उबरना आसान नहीं है। यदि प्रशासन की ओर से समय पर राहत नहीं मिली तो कई कारोबारियों के सामने दुकान दोबारा शुरू करने तक की समस्या पैदा हो सकती है।

जलनिकासी व्यवस्था पर भी उठे सवाल

भारी बारिश के बाद बड़े पैमाने पर हुए जलभराव ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि नालियों और जलनिकासी मार्गों की क्षमता पर्याप्त होती तथा उनकी नियमित सफाई होती तो पानी इतनी बड़ी संख्या में दुकानों के अंदर नहीं पहुंचता।

व्यापारियों ने भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए जलनिकासी व्यवस्था की समीक्षा करने और कमजोर स्थानों को दुरुस्त करने की मांग की है। उनका कहना है कि हर साल बारिश के दौरान जलभराव का खतरा बना रहता है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में पर्याप्त काम नहीं हुआ है।

व्यापारियों को अब राहत का इंतजार

बारिश थमने के बाद व्यापारी अपने स्तर पर नुकसान को कम करने और बचे हुए सामान को सुरक्षित करने में जुटे हैं। कई दुकानदारों ने खराब हो चुके सामान को बाहर निकालना शुरू कर दिया है। कुछ स्थानों पर दुकानें पूरी तरह खाली कर सफाई की जा रही है।

व्यापारियों का कहना है कि इस समय उन्हें प्रशासनिक सहायता के साथ आर्थिक राहत की भी जरूरत है। ओणम का सीजन शुरू होने से पहले दुकानों को फिर से व्यवस्थित करना उनके लिए बड़ी चुनौती है।

आदिमाली में शनिवार की बारिश ने जहां सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया, वहीं व्यापारिक समुदाय को बड़ा आर्थिक झटका दिया है। करीब 100 दुकानों के डूबने के बाद अब व्यापारियों की नजर प्रशासन के सर्वे और मुआवजा प्रक्रिया पर है। यदि जल्द नुकसान का आकलन कर राहत उपलब्ध कराई जाती है तो प्रभावित कारोबारियों को अपने व्यवसाय को दोबारा पटरी पर लाने में मदद मिल सकती है।

Next Story