केरल

नीलेश्वरम में शिगेला संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क

Kavita2
24 July 2026 4:11 PM IST
नीलेश्वरम में शिगेला संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क
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नीलेश्वरम : नीलेश्वरम इलाके में शिगेला संक्रमण के मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है। जिला चिकित्सा अधिकारी (स्वास्थ्य) ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, लेकिन संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां जरूर बरतें।

स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, शिगेला एक आंतों से जुड़ा संक्रमण है, जो शिगेला बैक्टीरिया के कारण होता है। यह बीमारी दूषित भोजन या पानी के सेवन से फैल सकती है। इसके मुख्य लक्षण दस्त और उल्टी हैं, हालांकि कुछ मामलों में संक्रमण गंभीर भी हो सकता है।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को किया जागरूक

जिला चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि नीलेश्वरम क्षेत्र में सामने आए शिगेला मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए लोगों को डरने की जरूरत नहीं है, लेकिन साफ-सफाई और व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे खाने-पीने की चीजों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें और संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।

क्या है शिगेला संक्रमण

शिगेला संक्रमण एक बैक्टीरियल बीमारी है, जो मुख्य रूप से पाचन तंत्र को प्रभावित करती है। यह संक्रमण शरीर में शिगेला बैक्टीरिया के प्रवेश करने के बाद होता है।

यह बैक्टीरिया आंत की अंदरूनी परत को प्रभावित करता है और उसे नुकसान पहुंचा सकता है। संक्रमण के कारण आंतों की सामान्य कार्यप्रणाली प्रभावित होती है, जिससे दस्त और अन्य परेशानियां शुरू हो सकती हैं।

संक्रमण के प्रमुख लक्षण

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, शिगेला संक्रमण के सामान्य लक्षणों में दस्त, उल्टी, पेट दर्द और बुखार शामिल हो सकते हैं।

कुछ मरीजों में दस्त के साथ खून भी आ सकता है, जिसे गंभीर स्थिति का संकेत माना जाता है। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में संक्रमण का असर अधिक हो सकता है।

बचाव के लिए सावधानी जरूरी

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को संक्रमण से बचने के लिए कुछ जरूरी उपाय अपनाने की सलाह दी है। इनमें साफ पानी पीना, भोजन को अच्छी तरह पकाकर खाना और खाने से पहले हाथ धोना शामिल है।

लोगों को खुले में रखे खाद्य पदार्थों से बचने और आसपास के वातावरण को साफ रखने की भी सलाह दी गई है। शौचालय का उपयोग करने के बाद और भोजन तैयार करने से पहले हाथों की सफाई संक्रमण रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

दूषित पानी और भोजन से फैल सकता है संक्रमण

विशेषज्ञों के अनुसार, शिगेला बैक्टीरिया दूषित पानी और भोजन के माध्यम से शरीर में पहुंच सकता है। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से भी संक्रमण फैलने की संभावना रहती है।

इसलिए सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता बनाए रखना और पीने के पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करना जरूरी है।

स्वास्थ्य विभाग की निगरानी जारी

नीलेश्वरम क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्थिति पर नजर रख रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर लोगों की जांच और जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी स्वास्थ्य समस्या को नजरअंदाज न करें।

समय पर इलाज से नियंत्रण संभव

चिकित्सकों के अनुसार, शिगेला संक्रमण का समय पर इलाज कराया जाए तो इसे नियंत्रित किया जा सकता है। शरीर में पानी की कमी न होने देना इस बीमारी के दौरान सबसे महत्वपूर्ण होता है।

यदि किसी व्यक्ति को लगातार दस्त, उल्टी या कमजोरी महसूस हो तो उसे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

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