
Kerala केरल: केरल के हरिपद शहर में अधूरी नाले और नहर निर्माण परियोजना के चलते स्थानीय व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मानसून से पहले उचित तैयारी और जानकारी के बिना सड़क व नाली निर्माण कार्य शुरू किए जाने के कारण स्थिति और बिगड़ गई है।
शुक्रवार सुबह करीब 6 से 7 बजे के बीच हुई लगभग एक घंटे की तेज बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। बारिश के बाद कई इलाकों में पानी भर गया और हरिपद KSRTC बस स्टैंड के उत्तर क्षेत्र में स्थित दुकानों में पानी घुस गया, जिससे व्यापारियों को काफी नुकसान झेलना पड़ा।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि सुबह का समय होने के कारण अधिकांश दुकान मालिक अपने घरों पर थे, जिससे बड़ा आर्थिक नुकसान टल गया। हालांकि, दुकानों में पानी भरने से सामान को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना पड़ा और कई जगहों पर पानी निकालने के लिए मोटरों का इस्तेमाल करना पड़ा।
व्यापारियों ने बताया कि नांग्यारकुलंगरा से करीब ढाई किलोमीटर दूर एक नहर निर्माण का कार्य चल रहा है, जो अभी आधा ही पूरा हुआ है। इस परियोजना का उद्देश्य हरिपद क्षेत्र को पिल्लई नदी से जोड़कर बेहतर जल निकासी व्यवस्था विकसित करना है, लेकिन अधूरे काम के कारण बारिश का पानी सही तरीके से नहीं निकल पाया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य की धीमी गति और योजना के अधूरे क्रियान्वयन के कारण हर बारिश में शहर को जलभराव की समस्या झेलनी पड़ती है। इससे व्यापार प्रभावित हो रहा है और दुकानदारों को बार-बार नुकसान उठाना पड़ रहा है।
व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि नाले और नहर के निर्माण कार्य को तेजी से पूरा किया जाए, ताकि आने वाले मानसून में ऐसी स्थिति दोबारा न बने। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण कार्य से पहले जल निकासी की उचित वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए थी।
स्थानीय निकाय अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य प्रगति पर है और जल्द ही इसे पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, जलभराव की समस्या को अस्थायी रूप से नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जा रहे हैं।
कुल मिलाकर, हरिपद में अधूरी नहर परियोजना और कमजोर जल निकासी व्यवस्था ने बारिश के दौरान एक बार फिर शहर के व्यापारियों को परेशानी में डाल दिया है, जिससे समय पर काम पूरा करने की आवश्यकता पर सवाल उठ रहे हैं।





