
x
KERALA केरल। केरल में कृषि क्षेत्र को लेकर जल संकट का मुद्दा अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। पूर्व मंत्री के. कृष्णनकुट्टी ने किसानों की समस्याओं को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि तमिलनाडु से पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण राज्य का कृषि क्षेत्र प्रभावित हो रहा है। के. कृष्णनकुट्टी ने किसानों से अपील की कि वे इस मुद्दे को लेकर आगे आएं और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं। उन्होंने कहा कि खेती के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध नहीं होने से किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पूर्व मंत्री ने केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार तमिलनाडु से केरल के हिस्से का पानी सुनिश्चित कराने में प्रभावी हस्तक्षेप नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि राज्य को अपने हिस्से का पानी मिलना चाहिए ताकि कृषि गतिविधियों को नुकसान न पहुंचे। कृष्णनकुट्टी ने कहा कि जल उपलब्धता कृषि के लिए सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है। यदि किसानों को समय पर पानी नहीं मिलेगा तो फसलों पर इसका सीधा असर पड़ेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी प्रभावित होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तमिलनाडु के साथ बातचीत करनी चाहिए और किसानों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। पालक्कड़ क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग कृषि पर निर्भर हैं। ऐसे में सिंचाई के लिए पानी की कमी किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। किसानों का कहना है कि समय पर पानी नहीं मिलने से उत्पादन प्रभावित होने का खतरा बना रहता है।
जल बंटवारे को लेकर केरल और तमिलनाडु के बीच समय-समय पर मुद्दे उठते रहे हैं। दोनों राज्यों के बीच जल संसाधनों के उपयोग और हिस्सेदारी को लेकर चर्चा होती रही है। पूर्व मंत्री के बयान के बाद राज्य में जल प्रबंधन और किसानों की समस्याओं को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। अब सभी की नजर सरकार के अगले कदम पर है कि वह किसानों को राहत देने के लिए क्या पहल करती है।
Next Story





