केरल

पूर्व CM पिनाराई विजयन की बढ़ीं मुश्किलें घर पर ED ने चस्पा किया समन

Ratna Netam
17 Oct 2026 3:15 PM IST
पूर्व CM पिनाराई विजयन की बढ़ीं मुश्किलें घर पर ED ने चस्पा किया समन
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तिरुवनंतपुरम। केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ वामपंथी नेता पिनाराई विजयन की कानूनी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने शनिवार, 17 अक्टूबर को तिरुवनंतपुरम स्थित उनके किराए के आवास पर पांच पन्नों का समन नोटिस चस्पा किया। यह कार्रवाई चर्चित CMRL-Exalogic कथित भुगतान और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में की गई है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने विजयन को 23 अक्टूबर, शुक्रवार को सुबह 11 बजे कोच्चि स्थित अपने क्षेत्रीय कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। इस दौरान उनसे मामले से जुड़े दस्तावेज और साक्ष्य भी उपलब्ध कराने को कहा गया है।
घर पर कोई नहीं मिला तो दरवाजे पर चस्पा किया नोटिस
जानकारी के अनुसार, शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी पिनाराई विजयन के तिरुवनंतपुरम स्थित किराए के आवास पर पहुंचे थे। अधिकारियों ने वहां मौजूद कर्मचारियों से संपर्क किया, लेकिन समन स्वीकार नहीं किए जाने के बाद नोटिस घर के प्रवेश द्वार पर चस्पा कर दिया गया।इससे पहले जांच एजेंसी ने डाक के माध्यम से भी नोटिस भेजा था। बताया गया कि अधिकारियों के पहुंचने के समय विजयन घर पर मौजूद नहीं थे और कन्नूर में थे।ईडी की इस कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद सीपीआई(एम) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री वी. शिवनकुट्टी भी आवास पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों के दौरे को लेकर जानकारी दी।
23 अक्टूबर को कोच्चि कार्यालय में पेश होने का निर्देश
प्रवर्तन निदेशालय ने पिनाराई विजयन को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 50 के तहत समन जारी किया है। इसके माध्यम से जांच एजेंसी उनसे पूछताछ करने और मामले से संबंधित दस्तावेज प्राप्त करने की तैयारी में है।जांच अधिकारियों का उद्देश्य कथित वित्तीय लेनदेन, भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों की पड़ताल करना है। इस मामले में केंद्रीय एजेंसी की ओर से विजयन को पहली बार पूछताछ के लिए बुलाया गया है।हालांकि, उनके वकील ने संकेत दिया है कि विधानसभा सत्र जारी होने के कारण वे निर्धारित तारीख पर उपस्थित नहीं हो सकते। विधानसभा सत्र 29 अक्टूबर तक चलने वाला है।
क्या है CMRL-Exalogic भुगतान मामला?
यह मामला कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) और पिनाराई विजयन की बेटी टी. वीणा से जुड़ी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस के बीच कथित वित्तीय लेनदेन से संबंधित है।प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि CMRL ने आईटी परामर्श सेवाओं के नाम पर एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को लगभग 2.78 करोड़ रुपये का संदिग्ध भुगतान किया था।एजेंसी इस बात की जांच कर रही है कि इन भुगतानों के बदले वास्तविक सेवाएं प्रदान की गई थीं या नहीं। जांच में कुछ अन्य वित्तीय लेनदेन और विदेश में धन हस्तांतरण से जुड़े आरोप भी सामने आए हैं।हालांकि, पिनाराई विजयन और उनके परिवार ने किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से इनकार किया है। आरोपों की अंतिम सत्यता न्यायिक प्रक्रिया से ही निर्धारित होगी।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद दर्ज हुई एफआईआर
इस मामले में केरल हाईकोर्ट ने 9 अक्टूबर को राज्य के सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था।इसके बाद 12 अक्टूबर को पिनाराई विजयन, उनकी बेटी टी. वीणा और दामाद पी. ए. मोहम्मद रियास सहित अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।राज्य की सतर्कता एजेंसी और प्रवर्तन निदेशालय अब अलग-अलग कानूनी प्रावधानों के तहत मामले की जांच कर रहे हैं।हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने के लिए विजयन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है।
सुप्रीम कोर्ट से तत्काल राहत नहीं मिली
शुक्रवार, 16 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने पिनाराई विजयन की याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया था।मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ के सामने विजयन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने पक्ष रखा। उन्होंने एफआईआर दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए तत्काल सुनवाई का आग्रह किया।शीर्ष अदालत ने संकेत दिया कि दशहरा अवकाश के दौरान विशेष पीठ गठित करने की संभावना पर विचार किया जा सकता है। अन्यथा अदालत खुलने के बाद मामले की सुनवाई हो सकती है।
केरल की राजनीति में बढ़ी हलचल
पूर्व मुख्यमंत्री के आवास पर ईडी का नोटिस चस्पा किए जाने के बाद केरल की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सीपीआई(एम) के नेताओं ने जांच एजेंसी की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।वहीं, केंद्रीय एजेंसी का कहना है कि मामले में वित्तीय लेनदेन और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कानूनी प्रक्रिया के अनुसार की जा रही है।अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि पिनाराई विजयन 23 अक्टूबर को पूछताछ के लिए ईडी कार्यालय पहुंचेंगे या अपने वकीलों के माध्यम से उपस्थित होने के लिए दूसरी तारीख मांगेंगे।इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई और प्रवर्तन निदेशालय की जांच पर भी नजर बनी हुई है।
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