
वाकोड : वाकोड और आसपास के इलाकों में तेंदुए देखे जाने की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। वन विभाग ने वाकोड जलाशय के पास एक अस्थायी कैंप स्थापित किया है, ताकि वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
जानकारी के अनुसार, इससे पहले मचानथोड इलाके में रेजी सेबेस्टियन के घर के पास जंगल की सीमा पर वन विभाग का एक कैंप मौजूद था। स्थानीय लोगों की जरूरतों और क्षेत्र में वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए इस कैंप को अब वाकोड जलाशय के पास स्थानांतरित किया जा रहा है।
इलाके में हाल के दिनों में तेंदुए और बाघ की मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग को कई बार सूचना दी थी कि वाकोड और आसपास के क्षेत्रों में जंगली जानवरों की आवाजाही देखी जा रही है। इसके बाद वन विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का फैसला लिया।
कुछ समय पहले इलाके में रबर टैपिंग करने वाले कर्मचारियों ने एक बाघ को देखा था। इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत फैल गई थी। इससे पहले 8 जून को चेंथंडल इलाके में एक बाघ ने रेजी सेबेस्टियन के बछड़े पर हमला कर उसे मार दिया था और उसका कुछ हिस्सा खा लिया था। घटना के बाद बाघ वहां से चला गया था।
बाघ के हमले की घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई थी और उसे पकड़ने के लिए चेंथंडल इलाके में लोगों का एक समूह भी इकट्ठा हुआ था। हालांकि, वन विभाग द्वारा लगाए गए जाल में बाघ नहीं फंसा।
इसके बाद वन विभाग के अधिकारियों ने स्थिति का आकलन किया और बाघ को पकड़ने या स्थानांतरित करने से जुड़े कदमों को लेकर स्थानीय निवासियों और जन प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की। अधिकारियों ने लोगों को भरोसा दिलाया कि उनकी सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
वन विभाग ने इलाके में निगरानी बढ़ाने के लिए कई उपाय किए हैं। जंगल और आबादी वाले क्षेत्रों के आसपास निगरानी कैमरे लगाए गए हैं, ताकि वन्यजीवों की गतिविधियों का पता लगाया जा सके। कैमरों की मदद से यह जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है कि क्षेत्र में बाघ या तेंदुए की आवाजाही कितनी नियमित है।
स्थानीय निवासियों को भी वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत वन विभाग को देने की जिम्मेदारी दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीणों के सहयोग से वन्यजीवों की मौजूदगी का पता लगाने और किसी भी संभावित खतरे को कम करने में मदद मिलेगी।
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, वाकोड इलाके में लगातार निरीक्षण जारी रहेगा। टीम क्षेत्र में गश्त कर रही है और वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रख रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे जंगल या सुनसान इलाकों में अकेले जाने से बचें और किसी भी वन्यजीव को देखने पर उसके करीब जाने की कोशिश न करें।
विशेषज्ञों के अनुसार, जंगलों के आसपास मानव गतिविधियां बढ़ने और प्राकृतिक आवास में बदलाव के कारण कई बार वन्यजीव आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं। ऐसे मामलों में वन विभाग और स्थानीय लोगों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी होता है, ताकि इंसानों और वन्यजीवों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
वाकोड इलाके में वन विभाग की यह कार्रवाई स्थानीय लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। फिलहाल जलाशय के पास स्थापित कैंप से क्षेत्र की निगरानी की जा रही है और अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी।





