केरल

ओणम से पहले केरल में खाद्य सुरक्षा सख्त, पांच बॉर्डर चेकपोस्ट पर 24 घंटे जांच

Kavita2
22 Aug 2026 10:19 AM IST
ओणम से पहले केरल में खाद्य सुरक्षा सख्त, पांच बॉर्डर चेकपोस्ट पर 24 घंटे जांच
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तिरुवनंतपुरम। ओणम पर्व के दौरान राज्य में खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग को देखते हुए केरल सरकार ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने बताया कि राज्य के खाद्य सुरक्षा विभाग ने दूसरे राज्यों से केरल में आने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पांच प्रमुख बॉर्डर चेकपोस्ट पर 24 घंटे निगरानी और जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि संदिग्ध या मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले खाद्य पदार्थों को राज्य में प्रवेश से पहले ही चिन्हित किया जाए।

ओणम के दौरान केरल में फल, सब्जियों, दूध और डेयरी उत्पादों, खाद्य तेल तथा अन्य आवश्यक खाद्य वस्तुओं की मांग कई गुना बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने सीमावर्ती इलाकों में विशेष अभियान शुरू किया है। राज्य में बाहर से आने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए पांच प्रमुख चेकपोस्टों पर मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब तैनात की गई हैं।

पांच चेकपोस्ट पर विशेष निगरानी

खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से आर्यनकावु, कुमिली, वालयार, मीनाक्षीपुरम और कराली चेकपोस्टों को विशेष निगरानी केंद्र के रूप में चिन्हित किया गया है। इन स्थानों पर तैनात मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के माध्यम से मौके पर ही खाद्य पदार्थों के नमूनों की प्राथमिक जांच की जा रही है।

अधिकारियों के मुताबिक इन चेकपोस्टों से होकर केरल में बड़ी मात्रा में फल, सब्जियां, दूध और डेयरी उत्पाद, खाद्य तेल तथा अन्य खाद्य सामग्री पहुंचती है। इसलिए इन मार्गों से आने वाले वाहनों पर विशेष नजर रखी जा रही है। जांच के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, पैकेजिंग, लेबलिंग और अन्य निर्धारित मानकों की भी जांच की जा रही है।

मोबाइल लैब की तैनाती से जांच प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। पहले जहां संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उन्हें प्रयोगशाला में भेजना पड़ता था, वहीं मोबाइल परीक्षण सुविधा के जरिए कई प्राथमिक जांच मौके पर ही की जा सकती हैं। इससे संदिग्ध सामग्री की पहचान जल्द होने और आवश्यक कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।

फल-सब्जियों और डेयरी उत्पादों पर फोकस

ओणम के दौरान घरों में विशेष पकवान तैयार किए जाते हैं और बाजारों में खाद्य पदार्थों की बिक्री काफी बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग का मुख्य फोकस उन वस्तुओं पर है जिनकी खपत इस त्योहार के दौरान सबसे अधिक होती है।

फल और सब्जियों की जांच के दौरान अधिकारियों द्वारा गुणवत्ता और सुरक्षा से जुड़े मानकों को देखा जा रहा है। वहीं दूध और डेयरी उत्पादों के मामले में मिलावट की आशंका को देखते हुए विशेष सतर्कता बरती जा रही है। खाद्य तेलों की भी जांच की जा रही है, क्योंकि त्योहारों के दौरान इनकी खपत में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।

विभाग की टीमों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि दूसरे राज्यों से आने वाले खाद्य उत्पाद निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप हों। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित खाद्य सामग्री के नमूने लिए जा सकते हैं और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

चौबीसों घंटे काम करेंगी टीमें

स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, ओणम के दौरान खाद्य पदार्थों की आवाजाही लगातार बढ़ने के कारण चेकपोस्टों पर निगरानी को चौबीसों घंटे किया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रात या कम निगरानी वाले समय में भी संदिग्ध खाद्य सामग्री राज्य में प्रवेश न कर सके।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों और अन्य संबंधित कर्मचारियों को शिफ्ट के आधार पर तैनात किया गया है। वाहनों की जांच के दौरान विशेष रूप से ऐसे खाद्य पदार्थों पर ध्यान दिया जा रहा है जिनकी गुणवत्ता को लेकर संदेह हो सकता है। जरूरत पड़ने पर नमूने लेकर आगे की जांच के लिए भेजे जाएंगे।

सरकार का मानना है कि त्योहार के दौरान खाद्य सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर समस्या पैदा कर सकती है। इसलिए निगरानी केवल सीमावर्ती चेकपोस्टों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि राज्य के अंदर बाजारों और खाद्य प्रतिष्ठानों में भी जांच अभियान चलाया जा सकता है।

उपभोक्ताओं से भी सतर्क रहने की अपील

खाद्य सुरक्षा विभाग ने उपभोक्ताओं से भी खाद्य पदार्थ खरीदते समय सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि पैकेज्ड खाद्य सामग्री खरीदते समय लेबल, पैकिंग, निर्माण और उपयोग की अंतिम तारीख जैसी जानकारियों की जांच करनी चाहिए। खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर भी उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की जरूरत है।

ओणम के दौरान बाजारों में भीड़ बढ़ने और खाद्य पदार्थों की मांग में तेजी आने के कारण मिलावटखोरी या घटिया सामग्री की बिक्री की आशंका बढ़ सकती है। ऐसे में सरकारी निगरानी के साथ उपभोक्ताओं की जागरूकता भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

खाद्य सुरक्षा को लेकर सरकार का सख्त रुख

केरल सरकार की ओर से त्योहार के दौरान खाद्य सुरक्षा को प्राथमिकता दिए जाने के संकेत पहले ही दिए जा चुके हैं। बॉर्डर चेकपोस्टों पर मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब की तैनाती इसी व्यापक अभियान का हिस्सा है। सरकार का उद्देश्य राज्य में प्रवेश करने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की प्रारंभिक स्तर पर ही जांच करना और संदिग्ध सामग्री को बाजार तक पहुंचने से रोकना है।

स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने कहा है कि ओणम के दौरान लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों को अधिक सतर्कता के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

पांच प्रमुख बॉर्डर चेकपोस्टों पर 24 घंटे निगरानी और मोबाइल टेस्टिंग लैब की तैनाती से आने वाले दिनों में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होने की उम्मीद है। अब देखना होगा कि इस विशेष अभियान के दौरान कितने संदिग्ध खाद्य नमूने सामने आते हैं और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ विभाग किस तरह की कार्रवाई करता है।

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