केरल

कच्चे तेल की कीमत घटने पर भी तुरंत ईंधन सस्ता नहीं होगा: Union Minister

Kavita2
18 Jun 2026 11:34 AM IST
कच्चे तेल की कीमत घटने पर भी तुरंत ईंधन सस्ता नहीं होगा: Union Minister
x

Kerala केरल: केंद्रीय पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने गुरुवार को कहा कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आने पर भी ईंधन की कीमतों में तुरंत कटौती संभव नहीं होती। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईंधन दरों में बदलाव कई आर्थिक और व्यावहारिक कारकों पर निर्भर करता है।

पत्रकारों से बातचीत के दौरान सुरेश गोपी ने हाल ही में ईंधन की कीमतों में हुई बढ़ोतरी पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि प्रति लीटर लगभग 3.94 रुपये की वृद्धि का ही वास्तविक असर देखने को मिला है, लेकिन इसे केवल अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत घटने के आधार पर तुरंत वापस नहीं लिया जा सकता।

मंत्री के अनुसार, ईंधन की कीमतों का निर्धारण केवल कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर निर्भर नहीं करता, बल्कि इसमें टैक्स, वितरण लागत, भंडारण और अन्य आर्थिक कारक भी शामिल होते हैं। ऐसे में कीमतों में बदलाव एक संतुलित प्रक्रिया के तहत किया जाता है।

उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव का असर घरेलू बाजार पर धीरे-धीरे पड़ता है और इसे स्थिर होने में समय लगता है। इसलिए अचानक कीमतों में कमी या बढ़ोतरी करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं होता।

सुरेश गोपी ने यह भी संकेत दिया कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और ईंधन आपूर्ति तथा कीमतों को स्थिर रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ को नियंत्रित रखना है, लेकिन साथ ही पूरे सिस्टम की स्थिरता भी जरूरी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव का असर भारतीय बाजार में तुरंत नहीं दिखता, क्योंकि इसमें रिफाइनिंग, ट्रांसपोर्टेशन और टैक्स संरचना जैसे कई चरण शामिल होते हैं। यही कारण है कि कीमतों में बदलाव एक समयबद्ध प्रक्रिया के तहत होता है।

हाल के दिनों में ईंधन की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी को लेकर जनता में चर्चा रही है, लेकिन सरकार का कहना है कि यह वृद्धि वैश्विक परिस्थितियों और बाजार संतुलन के आधार पर तय की जाती है।

मंत्री के इस बयान के बाद ईंधन कीमतों को लेकर चल रही बहस और तेज हो गई है। फिलहाल सरकार की ओर से संकेत दिया गया है कि वैश्विक स्थिति पर नजर रखी जा रही है और परिस्थितियों के अनुसार आगे निर्णय लिए जाएंगे।

Next Story