केरल

मानसून में एराट्टुपेट्टा-वागामोन रोड बना हादसों का रास्ता, बढ़े सड़क दुर्घटना के मामले

Kavita2
14 July 2026 3:59 PM IST
मानसून में एराट्टुपेट्टा-वागामोन रोड बना हादसों का रास्ता, बढ़े सड़क दुर्घटना के मामले
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वागामोन : मानसून के मौसम की शुरुआत के साथ ही एराट्टुपेट्टा-वागामोन रोड पर सड़क दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ने लगी है। इस मार्ग पर खासकर थेकोई से करिकाडु तक के हिस्से में हादसों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क पर वाहनों की बढ़ती संख्या, तेज रफ्तार और सुरक्षा संकेतों की कमी दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बन रही है।

इस मार्ग पर आए दिन वाहन आपस में टकराने, चालक के नियंत्रण खोने और सड़क किनारे बने बांध या पुलिया से टकराने जैसी घटनाएं हो रही हैं। मानसून के दौरान सड़क पर फिसलन बढ़ने से स्थिति और गंभीर हो जाती है, जिससे वाहन चालकों के लिए नियंत्रण बनाए रखना मुश्किल हो जाता है।

शनिवार को भी वागामोन से आ रही एक कार करिकाडु टॉप के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। जानकारी के अनुसार, कार चालक ने नियंत्रण खो दिया और वाहन एक पुलिया से टकराकर पलट गया। हादसे में कार सवार लोग बाल-बाल बच गए, लेकिन वाहन को भारी नुकसान पहुंचा।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क की मरम्मत के बाद से इस मार्ग पर यातायात का दबाव काफी बढ़ गया है। पहले जो वाहन चालक हाई रेंज क्षेत्रों में जाने के लिए दूसरे रास्तों का इस्तेमाल करते थे, वे अब बड़ी संख्या में इसी मार्ग से गुजर रहे हैं। इससे सड़क पर वाहनों की संख्या बढ़ गई है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।

वागामोन एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, जहां मानसून के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। पर्यटकों की बढ़ती संख्या के कारण इस सड़क पर निजी वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है। इसके अलावा तमिलनाडु से आने वाले कई वाहन भी इसी मार्ग का उपयोग करते हैं, जिससे सड़क पर ट्रैफिक दबाव और बढ़ जाता है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस मार्ग पर कई खतरनाक मोड़ हैं, लेकिन वहां पर्याप्त चेतावनी संकेत नहीं लगाए गए हैं। कई जगहों पर मोड़ की जानकारी देने वाले बोर्ड, स्पीड नियंत्रण संकेत और सुरक्षा व्यवस्था की कमी के कारण वाहन चालक अचानक आने वाले मोड़ों को समझ नहीं पाते और हादसे का शिकार हो जाते हैं।

विशेष रूप से बारिश के समय समस्या और बढ़ जाती है। सड़क गीली होने के कारण तेज रफ्तार वाहन फिसल सकते हैं। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण इस मार्ग पर कई हिस्सों में ढलान और तीखे मोड़ हैं, जहां सावधानी नहीं बरतने पर दुर्घटना की संभावना अधिक रहती है।

स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां सुरक्षा उपाय किए जाएं। उन्होंने सड़क किनारे चेतावनी बोर्ड लगाने, स्पीड ब्रेकर लगाने, रिफ्लेक्टर और पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था करने की मांग की है।

लोगों का कहना है कि केवल सड़क का निर्माण या मरम्मत करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सड़क सुरक्षा के उपाय भी जरूरी हैं। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क किनारे सुरक्षा रेलिंग और संकेतक लगाए जाने चाहिए, ताकि वाहन चालकों को खतरे वाले हिस्सों की जानकारी पहले से मिल सके।

यातायात विशेषज्ञों के अनुसार, पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाली सड़कों पर मानसून के दौरान विशेष निगरानी की जरूरत होती है। बारिश के मौसम में सड़क की स्थिति, वाहन चालकों की गति और यातायात प्रबंधन पर ध्यान देना जरूरी होता है।

स्थानीय पुलिस और प्रशासन से भी उम्मीद की जा रही है कि वे दुर्घटना वाले क्षेत्रों में जांच कर जरूरी कदम उठाएंगे। लोगों का कहना है कि समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।

फिलहाल एराट्टुपेट्टा-वागामोन रोड पर बढ़ते हादसे वाहन चालकों और स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। मानसून के दौरान इस मार्ग पर यात्रा करने वालों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन से उम्मीद है कि जल्द ही सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

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