
Kerala केरल: केरल में सत्ताधारी कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) गठबंधन के भीतर मंत्रिमंडल के विभागों के बंटवारे को लेकर मतभेद सामने आए हैं। इन मतभेदों के कारण मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के नेतृत्व में हाल ही में शपथ लेने वाली नई कैबिनेट में विभागों के औपचारिक आवंटन की घोषणा में देरी हो रही है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के. मुरलीधरन ने मंगलवार को कहा कि गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच कुछ विभागों को लेकर असहमति बनी हुई है। विशेष रूप से मत्स्य पालन (फिशरीज) और उच्च शिक्षा विभाग को लेकर अलग-अलग दलों की दावेदारी सामने आ रही है।
सूत्रों के अनुसार, UDF के भीतर यह चर्चा चल रही है कि किन सहयोगी दलों को कौन-सा विभाग दिया जाए, ताकि गठबंधन के संतुलन को बनाए रखा जा सके। इसी कारण मंत्रालयों के अंतिम बंटवारे में समय लग रहा है।
के. मुरलीधरन ने हालांकि यह भी स्पष्ट किया कि यह कोई गंभीर राजनीतिक संकट नहीं है और सभी मुद्दों को बातचीत के जरिए जल्द ही सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि गठबंधन में शामिल सभी दल एक साझा सहमति पर पहुंचेंगे और नई सरकार का कामकाज सुचारू रूप से आगे बढ़ेगा।
नई कैबिनेट के गठन के बाद विभागों के आवंटन को लेकर अपेक्षाएं बढ़ी हुई हैं, क्योंकि सरकार से जनता को कई नई नीतियों और विकास योजनाओं की उम्मीदें जुड़ी हैं। ऐसे में मंत्रालयों की जिम्मेदारी तय होना प्रशासनिक कामकाज को गति देने के लिए जरूरी माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गठबंधन सरकारों में विभागों के बंटवारे को लेकर इस तरह के मतभेद आम होते हैं, खासकर जब कई सहयोगी दल सत्ता में शामिल हों। हालांकि, अगर यह मतभेद लंबा खिंचता है तो इसका असर सरकार की शुरुआती कार्यशैली पर पड़ सकता है।
फिलहाल कांग्रेस नेतृत्व और सहयोगी दलों के बीच बातचीत जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही सभी विभागों का अंतिम बंटवारा कर लिया जाएगा।
इस बीच सरकार के कामकाज पर नजर रखने वाले लोग यह देख रहे हैं कि गठबंधन की एकजुटता बनाए रखने के लिए नेतृत्व किस तरह संतुलन स्थापित करता है।





