
एर्नाकुलम : केरल के एर्नाकुलम जिले में डेंगू बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई महीने में अब तक जिले में डेंगू से संक्रमित लोगों की संख्या 10,050 तक पहुंच गई है। बीमारी के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
डेंगू के कारण जिले में अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में डेंगू के मामलों में तेजी आई है। बीते 13 दिनों में ही 262 लोगों को डेंगू बुखार के इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि हालांकि डेंगू के गंभीर मामलों की संख्या अभी सीमित है, लेकिन जिन लोगों में संक्रमण गंभीर रूप ले लेता है, उनके लिए यह बीमारी जानलेवा साबित हो सकती है। खासकर कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों, बुजुर्गों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे मरीजों को अधिक खतरा रहता है।
रिपोर्ट के अनुसार, जिले में डेंगू के कुछ मामलों में मरीजों की हालत तेजी से बिगड़ी है। अब तक 19 लोगों में गंभीर संक्रमण की पुष्टि हुई है, जिनमें से सात लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग इन मामलों की निगरानी कर रहा है और संक्रमण फैलने के कारणों का पता लगाने में जुटा है।
डेंगू बुखार मच्छरों से फैलने वाली बीमारी है। यह मुख्य रूप से एडीज मच्छर के काटने से होता है। बारिश के मौसम में जगह-जगह पानी जमा होने के कारण मच्छरों की संख्या बढ़ जाती है, जिससे डेंगू संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि डेंगू से बचाव के लिए घरों और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई बनाए रखना बेहद जरूरी है। पानी जमा होने वाली जगहों को नियमित रूप से साफ करना चाहिए, क्योंकि मच्छर इन्हीं स्थानों पर पनपते हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बुखार, तेज सिर दर्द, शरीर में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते और कमजोरी जैसे लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। डेंगू की समय पर पहचान और इलाज से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।
अधिकारियों ने स्थानीय निकायों को भी मच्छर नियंत्रण अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित इलाकों में फॉगिंग, सफाई अभियान और लोगों को जागरूक करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के मौसम में डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी आम है, लेकिन लगातार बढ़ते संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। लोगों को व्यक्तिगत सावधानी बरतने के साथ-साथ प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।
एर्नाकुलम में बढ़ते डेंगू मामलों को देखते हुए अस्पतालों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों के इलाज और निगरानी के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि डेंगू से डरने के बजाय सतर्कता और समय पर इलाज सबसे महत्वपूर्ण है। लोगों की भागीदारी से ही संक्रमण की रफ्तार को कम किया जा सकता है।
फिलहाल एर्नाकुलम में स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति को देखते हुए डेंगू के मामलों में और बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।





