
किझाक्कमबलम : किझाक्कमबलम-पट्टिमट्टम रोड पर मोलेकुरीस के पास मुख्य मोड़ पर सड़क किनारे बनी गहरी कटिंग अब वाहन चालकों के लिए खतरे का कारण बन गई है। सड़क के पुनर्निर्माण के बाद भी किनारों को पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिलने के कारण यहां कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क निर्माण के दौरान किनारों को मजबूत करने के लिए जरूरी मिट्टी भराई या कंक्रीट सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई। इसके कारण सड़क और नीचे की जमीन के बीच गहरा अंतर बन गया है। मोड़ पर वाहन चालकों को यह कटिंग दिखाई नहीं देती, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।
सबसे ज्यादा परेशानी उस समय होती है जब मोड़ पर आमने-सामने से बड़े वाहन आ जाते हैं। जगह कम होने के कारण छोटे वाहन, खासकर दोपहिया वाहन और छोटी कारें, बड़े वाहनों को रास्ता देने के लिए किनारे की ओर रुकने को मजबूर हो जाती हैं। ऐसे में सड़क किनारे बनी गहरी कटिंग में वाहन के फिसलकर गिरने की संभावना बनी रहती है।
स्थानीय वाहन चालकों का कहना है कि यह मोड़ पहले से ही सावधानी मांगता है, लेकिन सड़क किनारे सुरक्षा उपायों की कमी ने समस्या को और गंभीर बना दिया है। कई बार चालक अचानक सामने से आने वाले वाहनों को देखकर किनारे हटते हैं और उन्हें अंदाजा नहीं होता कि सड़क के किनारे कितना गहरा हिस्सा मौजूद है।
रात के समय यह खतरा और बढ़ जाता है। क्षेत्र में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं होने के कारण वाहन चालकों को सड़क किनारे की स्थिति स्पष्ट दिखाई नहीं देती। अंधेरे में गहरी कटिंग का पता लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। इसमें स्थानीय लोगों के अलावा स्कूल जाने वाले छात्र, कामकाजी लोग और छोटे वाहन चालक भी शामिल हैं। ऐसे में सड़क किनारे सुरक्षा व्यवस्था का अभाव लोगों की चिंता बढ़ा रहा है।
लोगों का कहना है कि सड़क का निर्माण और मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद भी किनारों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया गया। यदि समय रहते यहां सुरक्षा दीवार, मजबूत बैरिकेड या उचित भराई नहीं की गई तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
क्षेत्रवासियों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि मोलेकुरीस के पास इस खतरनाक मोड़ का तत्काल निरीक्षण किया जाए और आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाएं। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे चेतावनी संकेतक, रिफ्लेक्टर और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था भी लगाई जानी चाहिए, ताकि रात में वाहन चालकों को परेशानी न हो।
विशेषज्ञों के अनुसार, सड़क निर्माण के दौरान केवल सड़क की सतह को बेहतर बनाना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि किनारों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। खासकर पहाड़ी, ढलान वाले या गहरी कटिंग वाले क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों की अनदेखी दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की अपील करते हुए कहा कि छोटी सी लापरवाही भी जान-माल के नुकसान का कारण बन सकती है। उनका कहना है कि दुर्घटना होने के बाद कदम उठाने के बजाय पहले से ही सुरक्षा इंतजाम किए जाने चाहिए।
फिलहाल किझाक्कमबलम-पट्टिमट्टम रोड पर मोलेकुरीस के पास यह गहरी कटिंग वाहन चालकों के लिए खतरे का संकेत बनी हुई है। लोगों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग जल्द ही इस समस्या का समाधान करेगा और सड़क को सुरक्षित बनाया जाएगा।





