केरल

'सेफ वॉक' अभियान के तहत सख्ती, कोंडोट्टी में अवैध पार्किंग समेत सात मामलों पर कार्रवाई

Kavita2
18 July 2026 5:58 PM IST
सेफ वॉक अभियान के तहत सख्ती, कोंडोट्टी में अवैध पार्किंग समेत सात मामलों पर कार्रवाई
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Kerala केरल: राज्य में पैदल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर मोटर वाहन विभाग ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। 'सेफ वॉक' (Safe Walk) अभियान के तहत कोंडोट्टी तालुक के विभिन्न इलाकों में विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान सड़क नियमों के उल्लंघन के सात मामले दर्ज किए गए, जिनमें अवैध पार्किंग के मामले भी शामिल हैं।

मोटर वाहन विभाग के अधिकारियों ने क्षेत्र में पहुंचकर सड़कों की स्थिति, पैदल चलने वालों के लिए उपलब्ध रास्तों और वाहन चालकों द्वारा किए जा रहे नियमों के उल्लंघन की जांच की। जांच के दौरान कई स्थानों पर ऐसे मामले सामने आए जहां वाहनों की गलत पार्किंग के कारण पैदल यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

अधिकारियों ने बताया कि दर्ज किए गए मामलों में संबंधित वाहन मालिकों को सीधे जुर्माना जमा करने के बजाय न्यायालय के माध्यम से कानूनी प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है। विभाग का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि लोगों में सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और अनुशासन सुनिश्चित करना है।

मोटर वाहन विभाग के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं में पैदल यात्रियों की संख्या लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। राज्य में सड़क दुर्घटनाओं के शिकार लोगों में लगभग 28 प्रतिशत पैदल यात्री होते हैं। यह आंकड़ा सड़क सुरक्षा व्यवस्था और पैदल यात्रियों के अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

हाल ही में तिरूर में आयोजित मानवाधिकार आयोग की बैठक में भी पैदल यात्रियों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठा था। बैठक में यह बात सामने आई कि कई जगहों पर वाहन चालक पैदल चलने वालों की सुविधा और सुरक्षा का ध्यान नहीं रखते। इसके अलावा फुटपाथ, पैदल मार्ग और सड़क किनारे बने रास्तों पर वाहनों की पार्किंग की वजह से लोगों को मुख्य सड़क पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।

मानवाधिकार आयोग की बैठक में यह भी चर्चा हुई कि पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित रास्ते उपलब्ध कराना प्रशासन और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। सड़कों पर बढ़ते यातायात दबाव के बीच पैदल चलने वालों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी हो गया है।

इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए मोटर वाहन विभाग ने 'सेफ वॉक' अभियान को और प्रभावी बनाने का फैसला किया है। अभियान के तहत ऐसे स्थानों की पहचान की जा रही है जहां पैदल यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा वाहन चालकों को नियमों का पालन करने और पैदल यात्रियों के लिए रास्ता खुला रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि सड़क सुरक्षा केवल वाहन चालकों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी एक सामूहिक जिम्मेदारी है। अवैध पार्किंग, फुटपाथ पर कब्जा और पैदल मार्गों को बाधित करने जैसी गतिविधियां सीधे तौर पर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती हैं।

कोंडोट्टी क्षेत्र में हुई कार्रवाई को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विभाग आने वाले दिनों में भी विभिन्न इलाकों में निरीक्षण अभियान जारी रखने की योजना बना रहा है। खासकर स्कूलों, बाजार क्षेत्रों, व्यस्त चौराहों और ऐसे स्थानों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जहां पैदल यात्रियों की संख्या अधिक रहती है।

सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि केवल नियम बनाने से दुर्घटनाएं कम नहीं होंगी, बल्कि उनका सख्ती से पालन भी जरूरी है। इसके लिए नियमित जांच, बेहतर यातायात प्रबंधन, पर्याप्त फुटपाथ और लोगों में जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है।

'सेफ वॉक' अभियान के माध्यम से मोटर वाहन विभाग का लक्ष्य पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करना है। विभाग का मानना है कि यदि वाहन चालक नियमों का पालन करें और सड़कों पर पैदल यात्रियों के अधिकारों का सम्मान किया जाए, तो दुर्घटनाओं की संख्या में काफी कमी लाई जा सकती है।

कोंडोट्टी में हुई यह कार्रवाई इसी व्यापक अभियान का हिस्सा है। आने वाले समय में विभाग की ओर से और अधिक सख्ती बरतने की संभावना है, ताकि सड़कें सभी के लिए सुरक्षित बनाई जा सकें।

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