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तिरुवनंतपुरम: CPM पलक्कड़ के पूर्व ज़िला सचिव ई. एन. सुरेश बाबू को पार्टी के कार्यक्रमों से दूर रख सकती है। CPM नेतृत्व उनके ख़िलाफ़ सख़्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने पर विचार कर रहा है। नेतृत्व का मानना है कि दुर्व्यवहार के आरोपों समेत कई शिकायतों के बीच सुरेश बाबू का पार्टी कार्यक्रमों में शामिल होना ठीक नहीं होगा।
हालांकि उन्हें ज़िला सचिव के पद से हटा दिया गया है, लेकिन सुरेश बाबू अभी भी ज़िला सचिवालय और राज्य समिति के सदस्य बने हुए हैं। CPM का कहना है कि उन्हें सचिव पद से हटाना संगठनात्मक सुधार की कार्रवाई का हिस्सा था और उनके ख़िलाफ़ कोई शिकायत नहीं मिली है। कोझिकोड, पथानामथिट्टा और इडुक्की में ज़िला समिति की विस्तारित बैठकों में शामिल होने आए नेताओं ने यह साफ़ नहीं किया कि क्या किसी महिला पार्टी कार्यकर्ता ने शिकायत दर्ज कराई है।
विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन ने मीडिया के सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया। CPM केंद्रीय समिति के सदस्य थॉमस इसाक ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि पलक्कड़ में क्या हुआ था और उनका ध्यान पथानामथिट्टा पर है। ई. पी. जयराजन ने कहा कि पलक्कड़ में संगठनात्मक कार्रवाई की गई है। के. के. शैलजा ने कहा कि उन्हें पलक्कड़ में हुई शिकायत के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
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