
Kerala केरल: CPI(M) के महासचिव एम.ए. बेबी ने शनिवार को कहा कि पार्टी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के खिलाफ INDIA गठबंधन के तहत व्यापक राजनीतिक और वैचारिक संघर्ष के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी का मुख्य उद्देश्य लोकतांत्रिक और वैचारिक स्तर पर इस लड़ाई को आगे बढ़ाना है।
एक सवाल के जवाब में कि क्या राष्ट्रीय राजनीति में CPI(M) को शामिल करते हुए किसी तीसरे मोर्चे के गठन की संभावना है, बेबी ने कहा कि पार्टी का राजनीतिक रुख पहले से ही स्पष्ट है और यह उनके पिछले पार्टी कांग्रेस में पारित प्रस्तावों में दर्ज है।
उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रस्ताव में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि देश की राजनीति में सबसे अहम काम BJP को हराना है, जिसे उन्होंने RSS के प्रभाव में काम करने वाला संगठन बताया। बेबी के अनुसार, इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक ताकतों के बीच अधिकतम एकता आवश्यक है।
उन्होंने यह भी कहा कि CPI(M) का मानना है कि साझा राजनीतिक संघर्ष को मजबूत करने के लिए उन दलों के साथ भी सहयोग जरूरी है, जिनके साथ पार्टी के वैचारिक मतभेद हैं। उन्होंने कांग्रेस का उदाहरण देते हुए कहा कि मतभेदों के बावजूद लोकतांत्रिक हितों में सहयोग की संभावना बनी रहती है।
बेबी के बयान से यह साफ संकेत मिला है कि CPI(M) फिलहाल किसी अलग तीसरे मोर्चे की दिशा में नहीं देख रही है, बल्कि INDIA गठबंधन के ढांचे के भीतर ही अपनी राजनीतिक रणनीति आगे बढ़ा रही है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी का फोकस देश में वैचारिक स्तर पर एकजुट विपक्षी मोर्चा तैयार करना है, ताकि लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा की जा सके और सत्तारूढ़ पार्टी की नीतियों का प्रभावी रूप से मुकाबला किया जा सके।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह बयान विपक्षी गठबंधन की रणनीति और भविष्य की दिशा को लेकर महत्वपूर्ण संकेत देता है, जिसमें सहयोग और वैचारिक मतभेदों के बावजूद साझा मंच पर बने रहने की बात सामने आती है।





