
केरल : चेंगमानाडु और श्रीमूलनगरम पंचायत क्षेत्रों को जोड़ने के उद्देश्य से शुरू किया गया चोव्वारा-नेडुवन्नूर पुल निर्माण कार्य पिछले कई महीनों से बंद पड़ा है। करीब एक साल पहले शुरू हुई इस महत्वपूर्ण परियोजना का काम रुकने से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि पुल निर्माण में देरी से हजारों यात्रियों और आसपास के निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस पुल का निर्माण कार्य नेडुम्बसेरी एयरपोर्ट कंपनी लिमिटेड (CIAL) की ओर से कराया जा रहा है। परियोजना का उद्देश्य चोव्वारा और नेडुवन्नूर क्षेत्रों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करना है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पुल बनने से न केवल दोनों पंचायत क्षेत्रों के बीच आवागमन आसान होगा, बल्कि कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंच भी सुगम हो जाएगी।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पुल निर्माण कार्य लंबे समय से आगे नहीं बढ़ पाया है। यहां तक कि लोगों की आवाजाही के लिए प्रस्तावित अस्थायी पुल का निर्माण भी अब तक शुरू नहीं किया गया है। इससे रोजाना इस मार्ग का इस्तेमाल करने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों का कहना है कि पुल निर्माण में देरी के पीछे मुख्य कारण जल प्राधिकरण द्वारा अब तक पाइप लाइन को स्थानांतरित नहीं किया जाना और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी है। यदि समय रहते संबंधित विभागों के बीच तालमेल बनाया जाता तो परियोजना का काम काफी आगे बढ़ सकता था।
चोव्वारा-नेडुवन्नूर पीपल्स कोएलिशन ने इस मुद्दे को लेकर सरकार और संबंधित विभागों से जल्द हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन का कहना है कि पुल और इससे जुड़ी सड़क का निर्माण क्षेत्र के विकास के लिए बेहद जरूरी है। हजारों लोग रोजाना हवाई अड्डे और आसपास के इलाकों में आने-जाने के लिए इस मार्ग पर निर्भर हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पुल निर्माण में देरी का असर केवल यातायात पर नहीं पड़ रहा है, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास पर भी प्रभाव पड़ रहा है। बेहतर संपर्क व्यवस्था होने से व्यापार, रोजगार और स्थानीय गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
लोगों ने पुल तक जाने वाली सड़क की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि सड़क पर कई स्थानों पर खतरनाक मोड़ हैं, जिन्हें ठीक करने की जरूरत है। स्थानीय निवासियों ने सड़क चौड़ीकरण के लिए अपनी जमीन मुफ्त में देने की इच्छा भी जताई है, ताकि परियोजना को जल्द पूरा किया जा सके।
हालांकि, स्थानीय लोगों के अनुसार अभी तक इस जमीन का अधिग्रहण नहीं किया गया है और न ही संबंधित क्षेत्र में मौजूद पेड़ों को हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई है। इसके कारण सड़क चौड़ीकरण का काम भी आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
योजना के अनुसार, चोव्वारा-नेडुवन्नूर पुल को करीब नौ मीटर चौड़ा बनाया जाना है। लेकिन पुल तक पहुंचने वाली सड़क कई जगहों पर अभी भी काफी संकरी है। ऐसे में पुल बनने के बाद भी यदि सड़क का विस्तार नहीं किया गया तो यातायात व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाएगा।
चोव्वारा-नेडुवन्नूर पीपल्स कोएलिशन ने मांग की है कि स्थानीय लोगों की ओर से दी जा रही मुफ्त जमीन का तुरंत अधिग्रहण किया जाए। इसके साथ ही जरूरत के अनुसार अन्य निजी जमीन का अधिग्रहण कर सड़क को पुल की प्रस्तावित चौड़ाई के अनुरूप विकसित किया जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि परियोजना को जल्द पूरा करने के लिए सभी संबंधित विभागों को मिलकर काम करना चाहिए। उनका मानना है कि केवल निर्माण एजेंसी की जिम्मेदारी तय करने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि जल प्राधिकरण, स्थानीय प्रशासन और अन्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर हो सकते हैं। लोगों का कहना है कि लंबे समय से प्रतीक्षित इस परियोजना को अब और टाला नहीं जाना चाहिए।
फिलहाल, सभी की निगाहें सरकार और संबंधित विभागों के अगले कदम पर टिकी हैं। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही बाधाओं को दूर कर पुल निर्माण कार्य फिर से शुरू किया जाएगा और यह महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग आम जनता के लिए उपलब्ध हो सकेगा।





