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कोच्चि: केरल उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया है कि सीएम आरएल-एक्सलॉजिक वित्तीय लेनदेन में पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और पूर्व लोक निर्माण मंत्री मोहम्मद रियास के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। एकल पीठ ने निर्देश दिया कि एफआईआर दर्ज की जाए और जांच शुरू की जाए।
फैसला प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के इस रुख का समर्थन करता है कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज किए बिना कार्यवाही शुरू नहीं की जा सकती। याचिका सार्वजनिक कार्यकर्ता के एम शाजहां ने दायर की थी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सतर्कता का यह रुख कि प्रारंभिक जांच के बाद ही प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए, स्वीकार नहीं किया जा सकता है। ईडी ने अदालत को सूचित किया था कि मामले में पर्याप्त सबूत, गवाहों के बयान और डायरी प्रविष्टियां उपलब्ध हैं।
सुनवाई के दौरान, एजेंसी ने तर्क दिया था कि डायरी प्रविष्टियों के आधार पर सीधे एफआईआर दर्ज की जा सकती है। हालांकि, राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों और अन्य कानूनी मिसालों का हवाला देते हुए तर्क दिया कि एफआईआर दर्ज करने की कोई आवश्यकता नहीं है। हाई कोर्ट के फैसले के बाद विजिलेंस को अपनी प्रारंभिक जांच आगे बढ़ाते हुए पिनाराई विजयन और मोहम्मद रियास के खिलाफ एफआईआर दर्ज करनी होगी.
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