
Kerala केरल: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने रविवार को स्पष्ट किया कि देश में ईंधन की कीमतों की समीक्षा कच्चे तेल की उपलब्धता और उसकी सप्लाई की स्थिति के आधार पर की जाएगी। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में कीमतों को लेकर कोई भी निर्णय वैश्विक और घरेलू आपूर्ति स्थिति को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा।
ईंधन कीमतों में संभावित बदलाव को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब में सुरेश गोपी ने कहा कि कच्चे तेल की सप्लाई की स्थिति का आकलन करना आवश्यक है। उन्होंने इस विषय पर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर विस्तृत जानकारी वही दे सकते हैं।
उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह भी कहा, “आइए कच्चे तेल की सप्लाई देखते हैं। हमारे पास संबंधित मंत्री हरदीप सिंह पुरी हैं। उन्हें आने दीजिए।” इस दौरान उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या उनकी भूमिका निगरानी करने वाले मंत्रालय जैसी है।
हाल के हफ्तों में देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सहित ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है। कीमतों में इस बढ़ोतरी को लेकर जनता में चिंता भी देखी जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं का सीधा असर घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ता है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है, ऐसे में वैश्विक घटनाक्रमों का प्रभाव यहां तुरंत दिखाई देता है।
बताया जा रहा है कि हाल के समय में पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका असर वैश्विक बाजार पर भी पड़ा है। इसी कारण ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली है।
सरकारी स्तर पर फिलहाल स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और माना जा रहा है कि आगे की कीमतों में बदलाव अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति और सप्लाई स्थिरता पर निर्भर करेगा।
कुल मिलाकर, सरकार ने संकेत दिया है कि ईंधन कीमतों में किसी भी प्रकार का निर्णय जल्दबाजी में नहीं लिया जाएगा, बल्कि कच्चे तेल की उपलब्धता और वैश्विक परिस्थितियों का आकलन करने के बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी।





