
Kerala केरल: चीरानी इलाके में बाघ के खतरे को देखते हुए वन विभाग ने निगरानी के लिए CCTV कैमरे लगाए हैं। कोसावनकोडे, कालीकुलम्बा और चीरानी क्षेत्रों में ये कैमरे लगाए गए हैं, जहां हाल ही में बाघ की मौजूदगी की पुष्टि हुई थी।
स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब दो हफ्ते पहले कोसावनकोडे इलाके में बाघ देखा गया था, जिसके बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद वन विभाग ने सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने के लिए कैमरे लगाने का कदम उठाया।
ग्रामीणों का कहना है कि रिहायशी इलाकों के आसपास बाघ की गतिविधि से लोगों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा बना हुआ है। इसी कारण स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि बाघ को पकड़ने के लिए जल्द से जल्द पिंजरा लगाया जाए, ताकि उसे सुरक्षित तरीके से रिहायशी क्षेत्र से हटाया जा सके।
इससे पहले वर्ष 2024 में भी इसी क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी देखी गई थी। उस समय वन विभाग ने पिंजरा लगाया था, लेकिन कुछ ही हफ्तों बाद उसे हटा लिया गया था, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बनी हुई है।
अब एक बार फिर से बाघ की मौजूदगी को लेकर स्थिति गंभीर हो गई है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए मांग की है कि लगाए गए CCTV कैमरों को तुरंत न हटाया जाए और निगरानी व्यवस्था जारी रखी जाए।
लोगों का कहना है कि केवल कैमरे लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि बाघ को पकड़ने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। उनका कहना है कि जब तक बाघ को सुरक्षित रूप से पकड़ा नहीं जाता, तब तक क्षेत्र में खतरा बना रहेगा।
इसके साथ ही अभिभावकों ने यह भी मांग की है कि इलाके के छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें इलावनचेरी और पनांगडी के स्कूलों तक आने-जाने के लिए विशेष परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
वन विभाग ने चीराना और कोल्लनगोडे क्षेत्रों में बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए निगरानी कैमरे लगाए हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
फिलहाल इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है और ग्रामीण प्रशासन से जल्द ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।





