केरल

महिला पत्रकार मामला: राहुल गांधी के खिलाफ अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई तय

Tara Tandi
16 Oct 2026 3:33 PM IST
महिला पत्रकार मामला: राहुल गांधी के खिलाफ अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई तय
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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक अर्जी पर 26 अक्टूबर को सुनवाई करने पर सहमति जताई है। यह अर्जी एक गर्भवती पत्रकार के उस आरोप से जुड़ी है, जिसमें उन्होंने कहा है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उन्हें धक्का दिया और खींचा। यह घटना तब हुई जब विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' (INDIA) के नेता मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट परिसर की ओर मार्च कर रहे थे।
वरिष्ठ वकील गौरव भाटिया ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत के समक्ष इस अर्जी का जिक्र किया। उन्होंने सुनवाई के लिए एक तारीख मांगी और यह भी पूछा कि क्या इससे जुड़े मामलों में नोटिस जारी किया गया है।
भाटिया के सवाल का जवाब देते हुए, CJI की अध्यक्षता वाली बेंच ने स्पष्ट किया कि गुरुवार को उनके सामने रखे गए सभी मामलों में नोटिस पहले ही जारी किए जा चुके हैं और यह अर्जी 26 अक्टूबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध की जाएगी।
न्यूज वेबसाइट 'वनइंडिया' (Oneindia) के लिए काम करने वाली पत्रकार ऋचा पाराशर ने आरोप लगाया है कि जब वह इस मार्च को कवर कर रही थीं, तब राहुल गांधी ने उनका हाथ पकड़ा और उन्हें जोर से खींचा। इसके बाद, उनके सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें धक्का दिया, जिससे वह जमीन पर गिर गईं।
इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
तीन महीने की गर्भवती पाराशर ने आरोप लगाया कि यह घटना सुप्रीम कोर्ट परिसर में विपक्षी नेताओं के विरोध प्रदर्शन के दौरान मची अफरा-तफरी के बीच हुई।
कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें 'राजनीति से प्रेरित' बताया है। वहीं, पार्टी के नेताओं और समर्थकों ने घटना के वीडियो साझा किए हैं और सवाल उठाया है कि क्या इन दृश्यों से यह साबित होता है कि राहुल गांधी ने पत्रकार को धक्का दिया था।
यह घटनाक्रम उस घटना के एक दिन बाद सामने आया है, जब सुप्रीम कोर्ट ने 12 अक्टूबर के विरोध मार्च के मद्देनजर, अदालत परिसर और उसके आसपास होने वाले राजनीतिक प्रदर्शनों से सुरक्षा की मांग करने वाली एक अलग याचिका पर नोटिस जारी किया था।
CJI सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने याचिका पर नोटिस जारी करते हुए, इस घटना से जुड़े CCTV फुटेज और अन्य डिजिटल सबूतों को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया।
गुरुवार की कार्यवाही के दौरान, वकील गौरव भाटिया ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को राजनीतिक जुलूसों से निपटना पड़े, यह स्वीकार्य नहीं है। इस पर CJI की अध्यक्षता वाली बेंच ने टिप्पणी की कि "कोई भी सुप्रीम कोर्ट को डरा-धमका नहीं सकता।" राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने CJI से मिलकर उन्हें SIR प्रक्रिया के संबंध में एक ज्ञापन सौंपने का अनुरोध किया था, जिसे CJI ने अस्वीकार कर दिया। इसके बाद, INDIA गठबंधन के नेताओं ने, जिनमें राहुल गांधी भी शामिल थे, एक मार्च निकाला। CJI ने विपक्षी नेताओं को सलाह दी कि वे तय कानूनी प्रक्रिया के जरिए सुप्रीम कोर्ट आएं। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों पर चर्चा करने के लिए बैठक बुलाना, शक्तियों के बंटवारे (separation of powers) के संवैधानिक सिद्धांत के खिलाफ होगा।
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