
Kerala केरल: कोन्नी इलाके के कल्लीपारा में एक कार Google Maps के सहारे यात्रा करते हुए रास्ता भटक गई और बाद में खाई में गिर गई। इस घटना में कार चला रहे पादरी साजी चेरियन बाल-बाल बच गए। पादरी तिरुवल्ला के रहने वाले बताए जा रहे हैं और वे मंगोडे से तिरुवल्ला की ओर यात्रा कर रहे थे।
जानकारी के अनुसार, यात्रा के दौरान ड्राइवर Google Maps की मदद से रास्ता खोज रहे थे, लेकिन बीच रास्ते में गलत मार्ग पर चले गए। इसके बाद कार घने जंगल और पहाड़ी इलाके की ओर पहुंच गई, जहां रास्ता पूरी तरह संकरा और असुरक्षित हो गया। इसी दौरान वाहन नियंत्रण खो बैठा और कार कल्लीपारा के पास एक खाई में जा गिरी।
हादसे के बाद कार चालक पादरी साजी चेरियन ने तुरंत आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल कर पुलिस से मदद मांगी। सूचना मिलते ही कूडल पुलिस की टीम मौके के लिए रवाना हुई और कई घंटों की कठिन कोशिशों के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
पुलिस टीम को घटनास्थल तक पहुंचने में भी काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा, क्योंकि इलाका घना जंगल और ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्तों से घिरा हुआ था। रेस्क्यू टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से वाहन तक पहुंचने का रास्ता तैयार किया और सुरक्षित तरीके से पादरी को बाहर निकाला।
पुलिस के अनुसार, पादरी को हल्की चोटें आईं, लेकिन उनकी हालत स्थिर है और उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। समय रहते मदद पहुंचने से एक बड़ा हादसा टल गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में मोबाइल नेटवर्क और GPS सिग्नल कई बार कमजोर हो जाता है, जिसके कारण Google Maps जैसे नेविगेशन ऐप गलत दिशा दिखा सकते हैं। इसी वजह से कई बार वाहन चालकों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।
पुलिस ने इस घटना के बाद यात्रियों को सलाह दी है कि पहाड़ी और जंगल क्षेत्रों में केवल डिजिटल नेविगेशन पर निर्भर न रहें, बल्कि स्थानीय मार्गदर्शन और सड़क संकेतों पर भी ध्यान दें। अधिकारियों ने यह भी कहा कि रात के समय या अज्ञात मार्गों पर यात्रा करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि तकनीक पर पूरी तरह निर्भरता कई बार जोखिम पैदा कर सकती है, खासकर उन इलाकों में जहां नेटवर्क और मैप डेटा पूरी तरह सटीक नहीं होता।
फिलहाल पुलिस ने कार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है और मामले की जांच की जा रही है। रेस्क्यू टीम की त्वरित कार्रवाई की वजह से एक संभावित गंभीर हादसा टल गया और पादरी की जान बच गई।





