केरल

रैंक लिस्ट में चयन के बाद भी नहीं मिला नियुक्ति पत्र केरल में अभ्यर्थियों का अनोखा विरोध

Ratna Netam
8 Aug 2026 3:32 PM IST
रैंक लिस्ट में चयन के बाद भी नहीं मिला नियुक्ति पत्र केरल में अभ्यर्थियों का अनोखा विरोध
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तिरुवनंतपुरम : केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में शनिवार को लोअर प्राइमरी स्कूल टीचर (LPST) पद के रैंक होल्डर्स ने सरकार के खिलाफ अनोखे तरीके से प्रदर्शन किया। सचिवालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने प्रतीकात्मक रूप से घास खाकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि केरल लोक सेवा आयोग (PSC) की रैंक लिस्ट में स्थान हासिल करने के बावजूद उन्हें अब तक नियुक्ति आदेश जारी नहीं किया गया है। अभ्यर्थियों का आंदोलन पिछले 34 दिनों से जारी है और उनका आरोप है कि सरकार उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने कहा कि वे चयन प्रक्रिया में सफल होकर रैंक लिस्ट में शामिल हुए हैं, इसके बावजूद नियुक्ति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की जा रही है। उनका कहना है कि लंबे समय से वे सरकार से नियुक्ति आदेश जारी करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें कोई ठोस जानकारी नहीं दी गई है। इसी नाराजगी के चलते शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने सचिवालय के बाहर घास खाकर सरकार के प्रति अपना विरोध जताया।
एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि LPST रैंक होल्डर्स पिछले 34 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अब तक सरकार की तरफ से उन्हें कोई सकारात्मक सूचना नहीं मिली है। प्रदर्शनकारी के मुताबिक, सरकार ने उनसे दो महीने का समय मांगा है, लेकिन अभ्यर्थियों का सवाल है कि नियुक्ति से जुड़े फैसले के लिए आखिर इतने लंबे समय की जरूरत क्यों पड़ रही है।
अभ्यर्थियों ने कहा कि वे अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने के लिए अलग-अलग तरीकों से प्रदर्शन कर चुके हैं। इसके बावजूद उनकी शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि सरकार उन्हें लगातार नजरअंदाज कर रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि रैंक लिस्ट में जगह बनाने के बाद उन्हें केवल नियुक्ति आदेश का इंतजार है और सरकार को इस मामले में जल्द फैसला लेना चाहिए।
यह विवाद केवल नियुक्ति तक सीमित नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने केरल लोक सेवा आयोग की कुछ परीक्षाओं के मूल्यांकन में कथित अनियमितताओं को लेकर भी सवाल उठाए हैं। राज्य योजना बोर्ड में चीफ स्तर के पदों के लिए आयोजित परीक्षा के मूल्यांकन को लेकर गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपने का फैसला किया था।
केरल पुलिस के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम यानी SIT गठित की गई है। इस टीम की कमान इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस एस अजिता बेगम को सौंपी गई है। सरकार की ओर से कहा गया है कि केरल पब्लिक सर्विस कमीशन की ओर से आयोजित परीक्षाओं में हाल में सामने आए अनियमितताओं के आरोपों की व्यापक जांच की जाएगी।
गृह विभाग के आदेश के बाद क्राइम ब्रांच को पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की ओर से गठित SIT मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच करेगी और यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता हुई है या नहीं।
वहीं दूसरी ओर LPST रैंक होल्डर्स का आंदोलन लगातार जारी है। अभ्यर्थी नियुक्ति आदेश जारी करने की मांग पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने चयन प्रक्रिया से जुड़ी आवश्यक प्रक्रिया पूरी की है और अब सरकार को उनकी नियुक्ति को लेकर जल्द निर्णय लेना चाहिए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लंबे समय तक नियुक्ति का इंतजार करने से अभ्यर्थियों में असमंजस और नाराजगी बढ़ रही है।
शनिवार को सचिवालय के बाहर घास खाने का प्रदर्शन इसी नाराजगी का प्रतीक रहा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करने के लिए यह अनोखा तरीका अपनाया। उनका कहना है कि 34 दिनों से चल रहे आंदोलन के बावजूद यदि सरकार की ओर से स्पष्ट निर्णय नहीं आता है तो उनका विरोध जारी रहेगा।
फिलहाल सरकार और प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों के बीच नियुक्ति को लेकर गतिरोध बना हुआ है। एक तरफ अभ्यर्थी जल्द नियुक्ति आदेश जारी करने की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच भी चल रही है। ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार LPST रैंक होल्डर्स की मांग पर क्या फैसला लेती है और जांच के बाद क्या निष्कर्ष सामने आते हैं।
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