केरल

केरल बिजली संकट पर BJP हमलावर, चंद्रशेखर ने सरकार को ठहराया जिम्मेदार

Kavita2
18 July 2026 2:50 PM IST
केरल बिजली संकट पर BJP हमलावर, चंद्रशेखर ने सरकार को ठहराया जिम्मेदार
x

तिरुवनंतपुरम : केरल में लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर सियासत तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के केरल प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने शनिवार को राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि बिजली संकट प्राकृतिक कारणों से नहीं, बल्कि सरकार की नीतिगत विफलता और लंबे समय से चली आ रही कुप्रबंधन की स्थिति का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य में बार-बार होने वाली बिजली कटौती पूरी तरह "इंसान की बनाई हुई समस्या" है और यह बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने में सरकार की असफलता को दर्शाती है।

राजीव चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया पर जारी एक विस्तृत पोस्ट में राज्य सरकार के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें बिजली संकट के लिए कम बारिश और जलाशयों में घटते जलस्तर को जिम्मेदार बताया गया था। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक परिस्थितियों को दोष देकर सरकार अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, "यह प्रकृति की गलती नहीं है। यह इंसान की बनाई हुई समस्या है। यह राज्य सरकार की पूरी तरह नाकामी है।" उनका कहना था कि यदि समय रहते बिजली उत्पादन, वितरण और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर प्रभावी ढंग से काम किया जाता, तो आज राज्य को इस स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि केरल में दशकों से सत्ता में रही कांग्रेस और वामपंथी दलों की सरकारों ने बिजली क्षेत्र में दीर्घकालिक योजना बनाने के बजाय केवल अल्पकालिक उपायों पर ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि इसका परिणाम आज आम जनता को बार-बार बिजली कटौती के रूप में भुगतना पड़ रहा है।

राजीव चंद्रशेखर ने केंद्र सरकार की ऊर्जा नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में बिजली उत्पादन क्षमता में लगातार वृद्धि की जा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ट्रांसमिशन नेटवर्क के आधुनिकीकरण, नई उत्पादन परियोजनाओं और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है।

उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ने सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और हरित ऊर्जा परियोजनाओं को प्रोत्साहन देकर ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसके विपरीत, उनके अनुसार, केरल सरकार राज्य की बढ़ती बिजली जरूरतों के अनुरूप आधारभूत ढांचे का विस्तार करने में पीछे रह गई है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य में उद्योगों, व्यवसायों, अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और आम उपभोक्ताओं को लगातार बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। इससे आर्थिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं और लोगों की दैनिक दिनचर्या पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

हाल के दिनों में केरल के विभिन्न हिस्सों से बिजली आपूर्ति बाधित होने की शिकायतें सामने आई हैं। राज्य सरकार और बिजली विभाग का कहना है कि इस बार मानसून के दौरान अपेक्षाकृत कम बारिश होने और जलाशयों में पानी का स्तर घटने से जलविद्युत उत्पादन प्रभावित हुआ है। इसके कारण बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच अंतर बढ़ गया है।

हालांकि, भाजपा का कहना है कि केवल बारिश को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। पार्टी का आरोप है कि यदि ऊर्जा उत्पादन के विविध स्रोत विकसित किए गए होते और ट्रांसमिशन व्यवस्था को समय पर मजबूत किया गया होता, तो बिजली संकट की स्थिति उत्पन्न नहीं होती।

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि केरल जैसे राज्य, जहां जलविद्युत उत्पादन का महत्वपूर्ण योगदान है, वहां वर्षा में कमी का असर बिजली उत्पादन पर पड़ना स्वाभाविक है। लेकिन साथ ही यह भी आवश्यक है कि ऊर्जा स्रोतों का विविधीकरण किया जाए, ताकि किसी एक स्रोत पर अत्यधिक निर्भरता से बचा जा सके।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिजली संकट अब केवल तकनीकी या प्रशासनिक मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह राजनीतिक बहस का विषय भी बन चुका है। विपक्ष राज्य सरकार की ऊर्जा नीति पर सवाल उठा रहा है, जबकि सरकार प्राकृतिक परिस्थितियों और बढ़ती मांग को मुख्य कारण बता रही है।

आने वाले दिनों में यदि बिजली संकट जारी रहता है, तो इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना है। फिलहाल राज्य सरकार बिजली आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने के लिए वैकल्पिक स्रोतों से बिजली खरीदने और मांग प्रबंधन जैसे उपायों पर काम कर रही है। वहीं भाजपा ने सरकार से दीर्घकालिक ऊर्जा नीति तैयार करने और राज्य की बिजली व्यवस्था को अधिक मजबूत एवं आत्मनिर्भर बनाने की मांग की है।

Next Story